भारत के लिए खुला होर्मुज स्ट्रेट: ‘पुष्कर’ और ‘परिमल’ टैंकर सुरक्षित गुजरे, ईरान ने कई देशों को दी राहत
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बड़ी खबर, भारत समेत रूस, चीन और ग्रीस के जहाजों को भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति
Mediawali news
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने जिस Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) को भारतीय जहाजों के लिए खुला रखने का दावा किया था, उसकी पुष्टि अब दो भारतीय टैंकरों के सुरक्षित गुजरने से हो गई है। भारतीय तेल टैंकर पुष्करऔर परिमल बिना किसी बाधा के इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरकर आगे बढ़ गए हैं। जानकारी के अनुसार, मिडिल ईस्ट में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और संभावित सैन्य टकराव के कारण होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई थी। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है। ऐसे में India के लिए होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बेहद जरूरी है। इस मार्ग से होकर भारत के लिए कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति होती है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जहाजों को इस मार्ग से गुजरने में कोई बाधा नहीं दी जाएगी। इसी के तहत भारतीय टैंकर पुष्कर और परिमल सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार कर गए, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी कुछ राहत की भावना देखने को मिली है।
इन देशों को भी मिली छूट
बताया जा रहा है कि भारत के अलावा Russia, China और Greece के जहाजों को भी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी गई है। इन देशों के तेल टैंकर भी इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित तरीके से गुजर पाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है। यदि इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया जाता, तो दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता था।
क्यों इतना महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट
होर्मुज स्ट्रेट Iran और Oman के बीच स्थित एक संकरा लेकिन बेहद रणनीतिक समुद्री मार्ग है। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इस मार्ग से हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल एशिया, यूरोप और अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या अवरोध का असर सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है।
वैश्विक बाजार की नजरें टिकी
हाल ही में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Oil की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली थी। निवेशकों और ऊर्जा कंपनियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति कितनी स्थिर रहती है। फिलहाल भारतीय टैंकरों के सुरक्षित गुजरने से यह संकेत मिला है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में जारी तनाव के कारण स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी होगा।