बालेन सरकार का बड़ा एक्शन: पूर्व पीएम ओली गिरफ्तार, Gen-Z हिंसा मामले में कार्रवाई तेज
Mediawali news
नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नए प्रधानमंत्री Balendra Shah के शपथ लेने के एक दिन बाद ही पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके साथ पूर्व गृह मंत्री Ramesh Lekhak को भी हिरासत में लिया गया है।
Gen-Z प्रदर्शन से जुड़ा मामला
यह गिरफ्तारी पिछले वर्ष हुए Gen-Z प्रदर्शनों से जुड़ी है, जिसमें 77 लोगों की मौत हुई थी और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ था। जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में प्रदर्शन के दौरान गंभीर लापरवाही की बात कही थी। आरोप है कि समय रहते हालात को नियंत्रित नहीं किया गया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
आयोग की रिपोर्ट और कार्रवाई
पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले आयोग ने सिफारिश की थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अन्य अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक जांच होनी चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, कई घंटों तक हिंसा जारी रही, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसके आधार पर सरकार ने कार्रवाई का निर्णय लिया।
गिरफ्तारी के बाद की प्रक्रिया
पुलिस ने Kathmandu के पास स्थित उनके आवास से ओली को गिरफ्तार किया। वहीं रमेश लेखक को भी अलग स्थान से हिरासत में लिया गया। दोनों नेताओं को मेडिकल जांच के बाद आर्म्ड पुलिस फोर्स की महाराजगंज स्थित बटालियन में शिफ्ट किया जाएगा।
बालेन शाह सरकार का सख्त संदेश
गिरफ्तारी से पहले प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया गया। इस कार्रवाई को नई सरकार के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है, जो जवाबदेही और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है।
Gen-Z आंदोलन की पृष्ठभूमि
नेपाल में यह आंदोलन सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों में आगजनी की और कई शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ा। बढ़ते जनदबाव के चलते ओली को इस्तीफा देना पड़ा था।
नया राजनीतिक दौर
35 वर्षीय बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के साथ नेपाल में युवा नेतृत्व का नया दौर शुरू हुआ है। उनकी सरकार से भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम और प्रशासनिक सुधारों की उम्मीद की जा रही है।