सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की बाढ़, ओपीडी काउंटरों पर लंबी कतारें
दो दिन बंद रहने के बाद सोमवार को 4,366 मरीज पहुंचे, पर्चा काउंटर से दवा वितरण तक लगी रहीं लंबी कतारें
नोएडा।
शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। ओपीडी पर्चा काउंटर, मेडिसिन विभाग, जांच कक्ष और दवा वितरण केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। छुट्टी के चलते दो दिन तक इलाज न मिल पाने के कारण मरीजों का दबाव आम दिनों की तुलना में लगभग दोगुना हो गया।
एक ही दिन में 4,366 मरीजों का इलाज
अस्पताल प्रशासन के अनुसार सोमवार को कुल 4,366 मरीजों के पर्चे काटे गए। जबकि सामान्य दिनों में जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 2,500 से 3,000 मरीज ही पहुंचते हैं। सीएमएस डॉ. अजय राणा ने बताया कि लगातार दो दिन अस्पताल बंद रहने की वजह से मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। कई मरीज ऐसे थे, जो शनिवार से ही इलाज के इंतजार में थे और सोमवार सुबह अस्पताल खुलते ही पहुंच गए।
दोपहर तक नहीं टूटी कतारें
सुबह आठ बजे से ही ओपीडी काउंटरों पर मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। पर्चा कटवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने तक हर चरण में लोगों को इंतजार करना पड़ा। दोपहर एक बजे के बाद भी मरीजों की कतारें बनी रहीं। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भीड़ के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीजों का कहना था कि नंबर आने में एक से डेढ़ घंटे तक का समय लग गया।
अस्पताल पर बढ़ता भरोसा
सीएमएस डॉ. अजय राणा ने कहा कि जिला अस्पताल में सुविधाएं बेहतर होने के कारण लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर, मुफ्त दवाइयां और जांच की सुविधा मिलने से आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसी वजह से ओपीडी का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
डॉग बाइट मरीजों की भी रही भीड़
सोमवार को डॉग बाइट के मरीजों की संख्या भी काफी अधिक रही। ओपीडी के बाहर दोपहर दो बजे तक रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की लंबी लाइन लगी रही। अस्पताल के टेक्नीशियन गिरेंद्र चौहान ने बताया कि सोमवार को 400 से अधिक लोगों को रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। छुट्टी के दिनों में काटने की घटनाएं होने के बाद लोग सोमवार को बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे।
प्रशासन के सामने बढ़ती चुनौती
अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या प्रशासन के लिए भी चुनौती बनती जा रही है। डॉक्टरों और स्टाफ को अतिरिक्त दबाव में काम करना पड़ा। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में भीड़ को नियंत्रित करने और मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छुट्टियों के बाद इस तरह की भीड़ अब आम होती जा रही है। ऐसे में मरीजों को भी सलाह दी जा रही है कि गंभीर स्थिति में छुट्टी के दौरान इमरजेंसी सेवाओं का लाभ लें, ताकि एक ही दिन में अस्पताल पर अत्यधिक दबाव न पड़े।