सांस लेना हुआ मुश्किल, सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारें
शहर में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में मरीजों की संख्या में करीब 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों के अनुसार, आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
सीएमएस डॉ. अजय राणा ने बताया कि मंगलवार को हाफ डे होने के बावजूद ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों पर देखा जा रहा है। अस्पताल में जहां पहले रोज़ाना 200 मरीज आते थे, अब यह संख्या बढ़कर 275–300 तक पहुंच गई है।
डॉ. राणा ने नागरिकों को सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, जब वायु गुणवत्ता सबसे खराब होती है। बाहर जाते समय मास्क और चश्मे का उपयोग करें, घर में एयर प्यूरीफायर या पौधे लगाएं, और बच्चों की आउटडोर गतिविधियों को सीमित करें।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण के दौरान अधिक पानी पीना और विटामिन-सी से भरपूर फल खाना शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। लगातार खांसी या सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
वायु प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त चिकित्सा स्टाफ तैनात करने की योजना बनाई है, ताकि बढ़ती मरीजों की संख्या से निपटा जा सके।