जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेजों के 57 छात्रों ने संभाली जिम्मेदारी, ओपीडी से लेकर वार्ड तक मिलेगी राहत

Share your love

 

तीन महीने तक जूनियर रेजिडेंट के रूप में करेंगे काम

जिला अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों से आए 57 मेडिकल छात्रों ने जिला अस्पताल की ओपीडी और अन्य विभागों की जिम्मेदारी संभाल ली है। ये सभी छात्र अगले तीन महीने तक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।

पांच मेडिकल कॉलेजों से आए छात्र

जिला अस्पताल के सीएमएस अजय राणा ने बताया कि ये छात्र पांच अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों से आए हैं। इनमें शारदा मेडिकल कॉलेज के 30 छात्र, चाइल्ड पीजीआई के 2 छात्र, लखनऊ से 1 छात्र, एफ.एच. मेडिकल कॉलेज से 1 छात्र और निम्स मेडिकल कॉलेज के 23 छात्र शामिल हैं। सभी छात्रों को अस्पताल के विभिन्न विभागों में तैनात किया गया है।

अनुभवी डॉक्टरों के साथ मिलेगी ट्रेनिंग

सीएमएस के अनुसार, इन छात्रों को अनुभवी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के साथ काम करने का मौका दिया जा रहा है। इस दौरान छात्र मरीजों की जांच, इलाज की प्रक्रिया, रिपोर्ट पढ़ने और अस्पताल के रोजमर्रा के कामकाज को नजदीक से समझेंगे। यह व्यावहारिक प्रशिक्षण उनके भविष्य में बेहतर डॉक्टर बनने में मदद करेगा।

मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा

जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के आने से अस्पताल में मरीजों को भी सीधा लाभ मिल रहा है। अब ओपीडी में मरीजों को पहले की तुलना में कम समय इंतजार करना पड़ रहा है। साथ ही डॉक्टरों का काम भी आसान हुआ है, क्योंकि कई जरूरी जिम्मेदारियां अब छात्रों द्वारा संभाली जा रही हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से दोहरा लाभ होगा। एक तरफ मेडिकल छात्रों को जरूरी अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा। जिला अस्पताल में यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us