जहरीली हवा का कहर: पांच साल का बच्चा गंभीर, अस्पताल में हुआ ऑपरेशन
सोशल मीडिया पर मां का दर्द वायरल – प्रदूषण पर गुस्सा और चिंता दोनों
प्रदूषण बढ़ा, सेहत बिगड़ी – मासूम की जिंदगी पर असर
शहर में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। इसका प्रभाव अब सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों की सांसों और सेहत में साफ दिखने लगा है। इसी बीच एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पांच साल का एक बच्चा प्रदूषण की वजह से गंभीर रूप से बीमार पड़ा और उसे गुरुग्राम के अस्पताल में सर्जरी करवानी पड़ी।
बच्चे के पिता सचिन पहवा के मुताबिक, बेटे को कई महीनों से सर्दी, सांस लेने में परेशानी और एलर्जी की शिकायत थी। प्रदूषण ने उसके एडेनोइड्स और टॉन्सिल्स को इतना प्रभावित किया कि अंततः डॉक्टरों को ऑपरेशन करना पड़ा।
दो साल पहले नोएडा आए, तब से शुरू हुआ संघर्ष
परिवार के अनुसार यह समस्या तब गंभीर होनी शुरू हुई जब वे दो साल पहले नोएडा शिफ्ट हुए। मां साक्षी पाहवा ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि जैसे ही वे यहां आए, बच्चे को खांसी, जुकाम और सांस से जुड़ी परेशानी लगातार बनी रही।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि “हमें कभी नहीं लगा था कि शहर की हवा हमारे बच्चे के लिए इतना बड़ा खतरा बन जाएगी।”
उनका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ और हजारों लोगों ने इसे देखा। कई यूजर्स ने अपने या अपने बच्चों के अनुभव भी साझा किए, जिससे पता चलता है कि यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि एक सामूहिक दर्द और चिंता है।
लोग बोले – अब आवाज उठानी होगी
वीडियो पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा—
“अब देश को प्रदूषण के खिलाफ बड़ा आंदोलन करना ही पड़ेगा, वरना आने वाली पीढ़ियों को हम क्या देंगे?”
यह टिप्पणी साफ दिखाती है कि बढ़ता प्रदूषण सिर्फ स्वास्थ्य नहीं, बल्कि समाज और भविष्य की चिंता का भी विषय बन चुका है।
अस्पतालों में बढ़ रहा भारी दबाव
प्रदूषण से बीमार मरीजों की संख्या बढ़ने का असर सरकारी अस्पतालों में स्पष्ट दिख रहा है।
जिला अस्पताल के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों में प्रदूषण संबंधी मामलों में 20% तक वृद्धि हुई है।
मरीजों में शामिल हैं—
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छोटे बच्चे
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बुजुर्ग
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सांस व एलर्जी से परेशान लोग
गले में जलन, लगातार खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
मरीजों के लिए अलग OPD शुरू, नेबुलाइजेशन की सुविधा
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक अलग OPD शुरू की है, जहां आने वाले प्रत्येक मरीज को नेबुलाइजेशन दिया जा रहा है।
डॉ. अजय राणा बताते हैं—
“प्रदूषण बढ़ने के साथ बच्चों में दिल और सांस से जुड़े मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। नोएडा और दिल्ली, दोनों जगह लोग खराब हवा के कारण परेशान हैं। अस्पताल अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रहा है।”
सवाल वही–आखिर कब मिलेगी साफ हवा?
एक मां का दर्द, एक बच्चे की पीड़ा और सोशल मीडिया पर बढ़ती पुकार—सब यही कह रही है कि अब समय चेतने का है।
प्रदूषण के खिलाफ उपायों का इंतजार लोग कब तक करेंगे?
या फिर हमें भी सांस लेने की कीमत बीमारी और ऑपरेशन से चुकानी पड़ेगी?