हीमोफीलिया से जूझते बच्चों के लिए नई उम्मीद: इएचएल दवा बनी वरदान

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चाइल्ड पीजीआई में तीन साल का अध्ययन, अब दिखा बड़ा लाभ

नोएडा स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ (PGICH) में किए गए एक अहम अध्ययन में यह सामने आया है कि एक्सटेंडेड हाफ-लाइफ (EHL) फैक्टर दवाएं हीमोफीलिया से पीड़ित बच्चों और युवाओं के लिए बेहद कारगर साबित हो रही हैं। यह दवाएं न केवल बार-बार होने वाले रक्तस्राव को कम करती हैं, बल्कि पहले से खराब हो चुके जोड़ों में भी आश्चर्यजनक सुधार लाती हैं।

बार-बार ब्लीड वाले बच्चों के लिए बड़ी राहत

हीमोफीलिया से पीड़ित कई बच्चों और किशोरों को लगातार ब्लीड की समस्या रहती है। इसका असर उनके घुटनों, टखनों और कोहनियों पर गंभीर रूप से पड़ता है। कई बार दवाएं अस्पताल में उपलब्ध न होने के कारण स्थिति और बिगड़ जाती है।

  • कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाते

  • सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में परेशानी होती है

  • परिवार पर इलाज का आर्थिक बोझ बढ़ जाता है

ऐसे कठिन हालात में इएचएल दवाएं एक नई उम्मीद बनकर उभरी हैं।

EHL थेरेपी से बच्चों में दिखा बड़ा सुधार

चाइल्ड पीजीआई की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. नीता राधाकृष्णन के अनुसार, इएचएल दवाओं ने बच्चों और किशोरों में न केवल जोड़ों की स्थिति में सुधार किया, बल्कि उन्हें बिना डर के चलने-फिरने, खेलने और पढ़ाई में शामिल होने का आत्मविश्वास भी दिया।

2020–2023 के बीच किया गया अध्ययन

अस्पताल में 31 गंभीर हीमोफीलिया A और B मरीजों को EHL फैक्टर VIII या IX दिए गए।

  • औसत उम्र: 16 वर्ष

  • अधिकतर बच्चों में पहले से ही जोड़ों की उन्नत समस्या (आर्थ्रोपैथी) मौजूद थी

ब्लीड में भारी कमी

अध्ययन में पाया गया:

  • पहले कुछ मरीजों में साल में 30–36 बार ब्लीड होता था

  • EHL थेरेपी शुरू होने के बाद ब्लीड की संख्या काफी घट गई

  • हीमोफीलिया B के सभी मरीजों में सुधार

  • हीमोफीलिया A के 60% मरीजों में टारगेट जॉइंट का रिवर्स देखा गया

लंबा असर और फिजियोथेरेपी में आसानी

EHL दवाओं की सबसे बड़ी खासियत है—इनका असर लंबे समय तक रहता है
इससे बच्चों को बिना रुकावट फिजियोथेरेपी मिल पाई, जोड़ों की गतिशीलता में सुधार हुआ और चलने-फिरने में परेशानी कम हुई।

पढ़ाई में भी मिला बड़ा फायदा

अध्ययन में शामिल 11 किशोर बोर्ड और यूनिवर्सिटी परीक्षाओं के दौरान ब्लीड-फ्री रहे, जिससे उनकी पढ़ाई बिल्कुल नहीं रुकी।

सुरक्षित दवा, कोई साइड इफेक्ट नहीं

अध्ययन के दौरान:

  • किसी भी बच्चे में कोई दुष्प्रभाव नहीं मिला

  • EHL पूरी तरह सुरक्षित पाई गई

कम संसाधनों वाले देशों के लिए सीख

यह अध्ययन एक महत्वपूर्ण संदेश देता है—
भले ही हर बच्चे को शुरू से प्रोफाइलेक्सिस न दी जा सके, लेकिन जरूरत के अनुसार EHL का चयनित उपयोग भी विकलांगता रोक सकता है

यह दवाएं उपलब्ध कराने में

  • डब्ल्यूएचएफ ह्यूमैनिटेरियन एड,

  • हीमोफीलिया फेडरेशन ऑफ इंडिया,

  • और उत्तर प्रदेश सरकार
    ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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