दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल: कई इलाकों में AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी हालात खराब, कई जगह 400 के पार पहुंचा प्रदूषण स्तर
दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। बुधवार, 5 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में दर्ज की गई। सुबह 7 बजे तक पूरे शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 325 रहा। यह स्तर उन सीमाओं में आता है जहां सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है।
दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण की स्थिति और भी भयावह रही। होलांबी खुर्द गांव में AQI 410 दर्ज किया गया, जो ‘Hazardous’ यानी खतरनाक स्तर पर है। एरोसिटी में AQI 340 और बवाना में 328 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, राजधानी के कम से कम 10 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों ने हवा को ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में दर्ज किया।
दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक हैं। गाज़ियाबाद में AQI 345, नोएडा में 349 और ग्रेटर नोएडा में 339 दर्ज हुआ। ये सभी आंकड़े ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन स्तरों पर हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10) फेफड़ों में गहराई तक पहुंचते हैं और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के अनुसार 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण के बीच बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। प्रदूषण से राहत के लिए सरकार ने निर्माण कार्यों पर रोक, सड़कों पर पानी छिड़काव और वाहनों की निगरानी बढ़ाने जैसे कदम तेज किए हैं।