युवराज के हादसे के बाद लापवारी के पानी से भरे गड्ढे में डूबकर छात्र की मौत
- परीक्षा खत्म होने के बाद दोस्तों संग पार्टी करने गया था, तीनों दोस्तों ने पुलिस को डूबने की दी जानकारी
Mediawali news, noida
नोएडा के सेक्टर-94 में एक दर्दनाक हादसे में 23 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में कार समेत डूबकर एक युवक की जान चली गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने शहर में लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक छात्र की पहचान हर्षित भट्ट के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के इंदिरापुरम का रहने वाला था और सेक्टर-126 स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (BPES) का छात्र था। बुधवार को परीक्षा खत्म होने के बाद हर्षित अपने तीन दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा बिल्डिंग के पास एक खाली पड़े निर्माण स्थल पर गया था।
पुलिस के अनुसार, चारों दोस्त वहां पिकनिक मना रहे थे। इसी दौरान हर्षित पास में बने एक गहरे गड्ढे में भरे पानी में नहाने के लिए उतर गया। शुरुआत में वह किनारे पर ही था, लेकिन कुछ देर बाद वह गहरे पानी में चला गया और अचानक डूबने लगा। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद तुरंत डायल-112 पर सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से हर्षित को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि यह एक हादसा है, हालांकि घटनास्थल पर शराब की बोतलें मिलने और दोस्तों के कथित रूप से नशे में होने की बात सामने आने से मामला कुछ हद तक संदिग्ध भी लग रहा है।
बताया जा रहा है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वह सुपरटेक की जमीन है और लंबे समय से खाली पड़ी है। यहां 70 से 80 फीट गहरा गड्ढा है, जिसमें बारिश और आसपास की इमारतों का पानी भर गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह जगह पहले खनन के कारण बनी थी और अब किसी भी सुरक्षा इंतजाम के बिना खुली पड़ी है, जिससे यहां हादसों का खतरा बना रहता है।
हर्षित अपने परिवार में सबसे बड़ा था। उसके पिता सेना में हैं और मां गृहिणी हैं। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की मां ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा तैरना जानता था, ऐसे में उसकी डूबकर मौत होना कई सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर नोएडा में खुले और असुरक्षित निर्माण स्थलों को लेकर प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है।