प्रोपर्टी कंपनी के दो डायरेक्टरों पर धोखाधड़ी का आरोप, एक्सप्रेसवे थाने में केस दर्ज
NOIDA News
94 लाख रुपये लेकर सिर्फ 2 बीघा जमीन की रजिस्ट्री का आरोप
नोएडा के सेक्टर-130 स्थित नगला बहरामपुर गांव के पास जमीन सौदे में धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली निवासी बिजनेसमैन करतार सिंह ने प्रोपर्टी कंपनी डीपीएल बिल्डर के दो डायरेक्टरों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2023 में नगला बहरामपुर में करीब 6 बीघा जमीन खरीदने के लिए डीपीएल बिल्डर के डायरेक्टर पवन कुमार और कमल दत्ता से संपर्क किया था।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने जमीन खरीदने के लिए कुल 94 लाख रुपये का भुगतान किया, जिसमें 70 लाख रुपये नकद, 9 लाख रुपये चेक और 15 लाख रुपये एनईएफटी के माध्यम से दिए गए। हालांकि, पूरी रकम लेने के बावजूद बिल्डर की ओर से केवल 2 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराई गई, जबकि शेष 4 बीघा जमीन की रजिस्ट्री बाद में करने का आश्वासन दिया गया।
जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई, पैसा भी नहीं लौटाया
करतार सिंह का आरोप है कि बाद में न तो शेष जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही उनकी रकम वापस की गई। जब उन्होंने बार-बार पैसे की मांग की तो बिल्डर पक्ष की ओर से टालमटोल किया जाता रहा। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनके साथ जानबूझकर धोखाधड़ी की गई है।
कब्जा लेने पहुंचे तो हमला और हवाई फायरिंग का आरोप
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि मई 2025 में जब वह अपनी जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे, तो कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि उन्हें जमीन पर गिराकर गला दबाने की कोशिश की गई, कनपट्टी पर गन सटाई गई और गोली चलाने की धमकी दी गई। इस दौरान हवाई फायरिंग करने का भी आरोप है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
पीड़ित का कहना है कि घटना की सूचना देने के बावजूद शुरुआत में पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए एक्सप्रेसवे थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोर्ट के निर्देश पर एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने डीपीएल बिल्डर के डायरेक्टर पवन कुमार, कमल दत्ता और छह-सात अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी दस्तावेजों व पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।