ऑनलाइन KYC वेरिफिकेशन वेबसाइट से रहें सावधान, क्रिप्टो निवेश के नाम पर 17 करोड़ की ठगी
Mediawali news, हैदराबाद
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने तीन अंतरराज्यीय ठगों को किया गिरफ्तार
ऑनलाइन KYC वेरिफिकेशन के नाम पर क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी KYC वेबसाइट के जरिए एक कारोबारी से करीब 21,04,089 USDT (करीब 17 करोड़ रुपये) की ठगी की थी।
फर्जी वेबसाइट से ट्रॉन वॉलेट की जानकारी चुराई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुषिम श्रीपति गायकवाड़ (पुणे), श्रीकांत (हैदराबाद) और लकी चौधरी (जयपुर) के रूप में हुई है।
गायकवाड़ और श्रीकांत खुद को क्रिप्टो खरीदार बताकर पीड़ित से संपर्क करते थे, जबकि लकी चौधरी ने फर्जी KYC वेरिफिकेशन वेबसाइट तैयार की थी। यह वेबसाइट पूरी तरह वैध प्लेटफॉर्म जैसी दिखाई देती थी।
कारोबारी से ऐसे उड़ाए 17 करोड़ रुपये
मामले का खुलासा कल्याण नगर निवासी 44 वर्षीय कारोबारी की शिकायत पर हुआ। आरोपियों ने उससे USDT खरीदने की बात कही और लेन-देन से पहले ट्रॉन वॉलेट का KYC कराने को कहा।
इसके लिए पीड़ित को एक लिंक भेजा गया, जो देखने में असली KYC पोर्टल जैसा था। जैसे ही कारोबारी ने वॉलेट की जानकारी दर्ज की, उसकी पूरी रकम बिना जानकारी के दूसरे वॉलेट में ट्रांसफर कर दी गई।
जांच में पता चला कि यह फिशिंग पोर्टल था, जो उपयोगकर्ता की जानकारी लेकर तुरंत फंड ट्रांसफर कर देता था। बाद में रकम को कई वॉलेट्स में बांट दिया गया ताकि ब्लॉकचेन ट्रेसिंग मुश्किल हो सके।
तकनीकी जांच से गिरोह तक पहुंची पुलिस
साइबर क्राइम टीम ने डिजिटल ट्रेल, आईपी लॉग, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और बैंक खातों की जांच की। इसके आधार पर तीन राज्यों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्डवेयर वॉलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और कुल ठगी कितनी रकम की है। ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शन की विस्तृत जांच जारी है और अन्य सहयोगियों की पहचान की जा रही है।
साइबर पुलिस की चेतावनी
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक से KYC न करें, निजी वॉलेट जानकारी साझा न करें और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।