मारपीट के बाद गाड़ी चढ़ाकर हत्या का आरोप, पीड़ित परिवार डीएम से मिला
सेक्टर-37 हादसा: वाहन अब तक ट्रेस नहीं, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
नोएडा के सेक्टर-37 स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल के सामने अज्ञात वाहन की टक्कर से दो युवकों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को पीड़ित परिवार जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचा और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ सड़क हादसा नहीं, बल्कि मारपीट के बाद जानबूझकर गाड़ी चढ़ाकर हत्या की गई है।
72 घंटे बाद पोस्टमार्टम को राजी हुए परिजन
घटना के करीब 72 घंटे बाद नेपाली मूल निवासी मृतक बसंत के परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले एक अन्य मृतक रोहन मंडल का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया था।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती जांच में गंभीरता नहीं दिखाई।
परिजनों का दावा: हादसे से पहले हुई थी कहासुनी
नेपाल मूल निवासी हरिबहादुर ने बताया कि उनका परिवार सेक्टर-31 निठारी गांव में रहता है, जबकि वह केन्या में शेफ की नौकरी करते हैं। उनका बड़ा बेटा बसंत दिल्ली के एक कॉलेज में होटल मैनेजमेंट का छात्र था।
मृतक रोहन के मामा रोहित मंडल के अनुसार, मंगलवार रात करीब 11:45 बजे बसंत और रोहन सेक्टर-37 में दोस्त की जन्मदिन पार्टी से बाइक से घर के लिए निकले थे। इसी दौरान किसी कार सवारों से उनकी कहासुनी हो गई।
कॉल कर मांगी मदद, फिर मिला शव
परिजनों के मुताबिक, झगड़े के बाद बसंत ने अपने दोस्त पुष्पेंद्र को कॉल कर मदद मांगी। आरोप है कि इसके बाद कार सवारों ने दोनों की बाइक का पीछा किया।
करीब 12 बजे आर्मी पब्लिक स्कूल के सामने सड़क किनारे रेलिंग के पास दोनों युवक गंभीर हालत में मिले। बाइक उनके ऊपर पड़ी थी और मौके पर एक हाथ का कड़ा भी गिरा मिला।
उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
घटनाक्रम का दावा (परिजनों के अनुसार)
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11:35 बजे – पार्टी से निकले
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11:40 बजे – दोस्तों को कॉल कर झगड़े की जानकारी दी
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11:55 बजे – एक कार बाइक का पीछा करते दिखी
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11:58 बजे – वही कार यू-टर्न लेकर तेज़ी से निकली
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करीब 12 बजे – दोनों युवक घायल अवस्था में मिले
हादसे पर उठ रहे सवाल
परिजनों ने कई सवाल खड़े किए हैं—
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तेज रफ्तार बाइक गिरने पर दोनों युवक रेलिंग पर एक-दूसरे के ऊपर कैसे मिले?
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बाइक दोनों के ऊपर पड़ी कैसे मिली?
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हादसे में हाथ से कड़ा कैसे निकल गया?
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बाइक सामने से सिर्फ हल्की टूटी है, जबकि मौत सिर में गंभीर चोट से हुई?
वाहन ट्रेस नहीं होने पर सवाल
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बताया है कि संदिग्ध कार दिल्ली बॉर्डर तक दिखाई दी, लेकिन उसके बाद कोई सुराग नहीं मिला। अब तक न तो कार ट्रेस हुई है और न ही उसका नंबर पता चल सका है। इसी वजह से आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है।
डीएम ऑफिस पहुंचे परिजन, पुलिस पर स्लो जांच का आरोप
बसंत के पिता केन्या से लौटने के बाद परिजन गुरुवार को सेक्टर-37 पुलिस चौकी पहुंचे और एसीपी व एसएचओ से मुलाकात की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला।
शुक्रवार को परिवार डीएम ऑफिस पहुंचा, हालांकि डीएम से मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में सेक्टर-39 थाना पुलिस ने परिजनों को समझाकर पोस्टमार्टम के लिए राजी किया।
मृतक के पिता हरिबहादुर ने पुलिस पर जांच में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया है।
पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि मामले में अज्ञात वाहन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध कार की पहचान की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।