मां–बेटे के रिश्ते का झांसा देकर 8 लाख की साइबर ठगी, नोएडा की महिला भावनात्मक जाल में फंसी
साइबर ठगों ने एक बार फिर भरोसे और भावनाओं को हथियार बनाकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। नोएडा के सेक्टर-8 में रहने वाली एक महिला को ठग ने खुद को उसका बेटा बताकर 8 लाख रुपये की साइबर ठगी का शिकार बना लिया। ठग ने न केवल व्यापार में निवेश कर रकम दोगुना करने का लालच दिया, बल्कि भावनात्मक रूप से मां-बेटे का रिश्ता बनाकर महिला का भरोसा पूरी तरह जीत लिया। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्हाट्सऐप कॉल से शुरू हुई ठगी की कहानी
सेक्टर-8 निवासी कलावती देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दीपावली से कुछ दिन पहले उनकी मुलाकात व्हाट्सऐप कॉल के जरिए विपिन नाम के एक व्यक्ति से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को व्यापार से जुड़ा बताया और कहा कि वह निवेश करने पर कम समय में रकम दोगुना कर देता है। शुरुआत में महिला को उसकी बातों पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन ठग ने धीरे-धीरे विश्वास जीतने की रणनीति अपनाई।
छोटे निवेश से जीता भरोसा
13 अक्टूबर को आरोपी के कहने पर महिला ने परीक्षण के तौर पर मात्र 2 हजार रुपये निवेश किए। अगले ही दिन ठग ने पेटीएम के जरिए 2500 रुपये वापस भेज दिए। इस छोटे से मुनाफे ने महिला का भरोसा बढ़ा दिया। ठग ने इसी का फायदा उठाते हुए महिला को बड़े निवेश के लिए तैयार करना शुरू कर दिया।
भावनात्मक रिश्ता बनाकर फंसाया जाल में
पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपी ने खुद को अनाथ बताते हुए महिला से भावनात्मक रूप से जुड़ना शुरू किया। वह महिला को ‘मां’ कहकर संबोधित करने लगा और अपनी निजी परेशानियों की कहानियां सुनाकर सहानुभूति हासिल करता रहा। धीरे-धीरे उसने महिला को यह यकीन दिला दिया कि वह उस पर पूरा भरोसा कर सकती है। आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसके पास खुद के 11 लाख रुपये हैं, जिन्हें वह जल्द ही महिला के खाते में जमा करेगा।
18 बार में ट्रांसफर किए 8 लाख रुपये
इस भरोसे और लालच के चलते महिला ने 10 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच कुल 18 बार में करीब 8 लाख रुपये आरोपी के बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। हर बार आरोपी नए बहाने बनाकर और ज्यादा रकम निवेश करने के लिए उकसाता रहा। महिला को भरोसा था कि जल्द ही उसे मोटा मुनाफा मिलेगा।
पैसे मांगते ही ठग हुआ गायब
जब महिला ने अपनी जमा की गई रकम वापस मांगनी शुरू की, तो आरोपी पहले टालमटोल करता रहा। इसके बाद अचानक उसने फोन, व्हाट्सऐप और अन्य सभी माध्यमों से संपर्क पूरी तरह तोड़ लिया। तब महिला को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
साइबर क्राइम थाना में दर्ज हुआ मामला
पीड़िता ने तुरंत साइबर क्राइम थाना, नोएडा में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल, मैसेज या ऑनलाइन निवेश के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या पुलिस को दें।