कर्ज चुकाने के लिए लूट की साजिश, CCTV से खुला राज
Mediawali news
नई दिल्ली के सराय रोहिल्ला थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज लूट का मामला सामने आया है। मोजे की फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी से पिस्टल के बल पर करीब 10 लाख रुपये लूट लिए गए। घटना 26 मार्च की शाम करीब 5:50 बजे शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के पास हुई, जब पीड़ित अभिषेक प्रजापति अपने मालिक को नकदी देने जा रहा था।
500 से ज्यादा CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की और करीब 30 किलोमीटर तक 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इस मेहनत के बाद आरोपियों की पहचान कर ली गई। गुप्त सूचना के आधार पर 2 अप्रैल को दोनों आरोपियों को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और 5 लाख 51 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए हैं।
कर्ज में डूबे थे आरोपी, चोरी की बाइक से दिया वारदात को अंजाम
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देव मग्गो (24) और रोहित शर्मा (34) के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके परिवार पर भारी कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उन्होंने लूट की योजना बनाई। वारदात को अंजाम देने के लिए उन्होंने पहले भजनपुरा इलाके से एक बाइक चोरी की और उसी का इस्तेमाल कर नकदी लूट ली। आरोपियों ने कबूल किया कि लूटी गई रकम का कुछ हिस्सा उन्होंने घरेलू जरूरतों और कर्ज चुकाने में खर्च कर दिया।
फैक्ट्री कर्मचारी से ऐसे लूटी गई रकम
पीड़ित अभिषेक प्रजापति ने पुलिस को बताया कि वह बवाना स्थित एक फैक्ट्री में काम करता है। मालिक के कहने पर उसने अलग-अलग जगहों से पैसे इकट्ठा किए थे—पहले शास्त्री नगर से 65 हजार रुपये और फिर चांदनी चौक से करीब 10 लाख रुपये। सारी रकम एक बैग में रखकर वह लौट रहा था, तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे रोक लिया। एक आरोपी ने पिस्टल तान दी, जबकि दूसरे ने जबरदस्ती बैग छीन लिया और फरार हो गए। पीड़ित ने उनका पीछा भी किया, लेकिन उन्हें पकड़ नहीं सका।
पहले भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
जांच में सामने आया कि आरोपी देव मग्गो पर पहले से ही लूट और झपटमारी के चार मामले दर्ज हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित अपराधों की भी जांच कर रही है। इस मामले ने एक बार फिर दिखाया है कि आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में लोग अपराध का रास्ता चुन लेते हैं, लेकिन कानून से बच पाना आसान नहीं होता।