इंडोनेशिया टूर के नाम पर दंपति से 1.45 लाख की ठगी, फर्जी फ्लाइट टिकट और होटल वाउचर भेजे

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सेक्टर-63 की टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी पर गंभीर आरोप, सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज

नोएडा। इंडोनेशिया घुमाने के नाम पर एक दंपति से 1.45 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सेक्टर-63 स्थित एक टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी पर आरोप है कि उसने बाली टूर पैकेज का झांसा देकर पैसे तो ले लिए, लेकिन बाद में दंपति को वाट्सऐप पर फर्जी हवाई टिकट और होटल बुकिंग के वाउचर भेज दिए। जब पीड़ितों ने टिकट की ऑनलाइन जांच की तो पूरा मामला ठगी का निकला। इस संबंध में सेक्टर-63 थाने की पुलिस ने महिला की शिकायत पर पांच नामजद समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहले भी कर चुके थे इसी एजेंसी से यात्रा

पुलिस को सेक्टर-63ए निवासी गुंजन टॉडक तविलदार ने बताया कि 23 सितंबर को उनके पति अभिषेक तविलदार ने मोबाइल के जरिए विक्रम राजपूत नामक व्यक्ति से संपर्क किया था। उसने खुद को “ट्रैवल लैंड इंडिया” नाम की ट्रैवल एजेंसी का प्रतिनिधि बताया और इंडोनेशिया के बाली में पांच दिन और छह रात का पैकेज 1.45 लाख रुपये में ऑफर किया। पीड़िता के अनुसार, वे इससे पहले भी दो बार इसी एजेंसी के जरिए यात्रा कर चुके थे, इसलिए उन्हें कोई शक नहीं हुआ।

क्यूआर कोड के जरिए कराई गई रकम ट्रांसफर

विक्रम राजपूत ने भुगतान के लिए एक क्यूआर कोड भेजा, जिस पर 25 सितंबर को 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। यह रकम प्रज्ञा शर्मा के नाम के बैंक खाते में गई। इसके बाद एक वाट्सऐप ग्रुप बनाया गया, जिसमें प्रज्ञा शर्मा, नीरज घई, मयंक अग्रवाल, विक्रम राजपूत, विवेक सिंह, पीड़िता, उनके पति और दो अन्य लोग शामिल थे। अलग-अलग तारीखों में दंपति ने कुल 1.45 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

वाट्सऐप पर भेजे गए फर्जी टिकट और वाउचर

पांच नवंबर को बाली जाने की तारीख तय की गई थी। छह अक्टूबर को वाट्सऐप ग्रुप पर दिल्ली से बाली जाने की फ्लाइट टिकट भेजी गई। यात्रा से एक दिन पहले जब दंपति ने टिकट का पीएनआर ऑनलाइन चेक किया तो वह फर्जी निकला। इसके बाद भी 21 और 24 अक्टूबर को होटल बुकिंग के वाउचर भेजे गए, जो बाद में जांच में नकली पाए गए।

संपर्क तोड़कर हुए फरार, पुलिस जांच में जुटी

पांच नवंबर के बाद आरोपियों ने फोन बंद कर संपर्क पूरी तरह तोड़ लिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस का कहना है कि जिन नंबरों से टिकट और वाउचर भेजे गए थे, उनकी तकनीकी जांच की जा रही है। मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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