डायरेक्टर बनकर साइबर ठगी: महिला कर्मचारी से 24 लाख रुपये की ठगी, पुलिस जांच में जुटी
साइबर अपराधियों ने इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के निदेशक का रूप धारण कर महिला कर्मचारी से करीब 24 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने महंगे गिफ्ट कार्ड खरीदने के बहाने इस वारदात को अंजाम दिया। मामले की शिकायत सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कराई गई, जिसके बाद साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विदेश में थे कंपनी निदेशक, इसी का उठाया फायदा
साइबर क्राइम थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरेल सोसाइटी निवासी अश्विनी कुमार श्रीवास्तव एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़े हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक अक्टूबर को कंपनी की ओर से सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए दिल्ली बुलाया गया था। मुंबई स्थित कंपनी कार्यालय से हिमानी मौलिक नाम की महिला कर्मचारी भी दिल्ली आई थीं।
उसी दिन कंपनी के निदेशक राजेश गुप्ता कार्य के सिलसिले में स्पेन के बार्सिलोना शहर में मौजूद थे। इसी दौरान साइबर ठगों ने मौके का फायदा उठाते हुए महिला कर्मचारी को अपने जाल में फंसा लिया।
विदेशी नंबर से आया मैसेज, गिफ्ट कार्ड खरीदने का दबाव
दिल्ली में प्रशिक्षण के दौरान हिमानी के मोबाइल फोन पर एक अनजान विदेशी नंबर से मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को कंपनी का निदेशक बताते हुए ऑनलाइन शॉपिंग साइट से एप्पल गिफ्ट कार्ड खरीदने के निर्देश दिए। चूंकि मैसेज विदेश के नंबर से आया था और उस समय असली निदेशक भी विदेश में थे, इसलिए महिला को शक नहीं हुआ।
महिला ने बिना किसी पुष्टि के गिफ्ट कार्ड खरीदने शुरू कर दिए और ठग को कोड भेजती चली गई। आरोप है कि ठगों ने अलग-अलग खातों में ट्रांजेक्शन कराते हुए 10 हजार रुपये से लेकर करीब 24 लाख रुपये तक की रकम ऐंठ ली।
लगातार ट्रांजेक्शन से खुला मामला
लगातार खाते से महंगे गिफ्ट कार्ड खरीदे जाने पर कंपनी के अधिकारी अश्विनी कुमार को संदेह हुआ। उन्होंने हिमानी से कारण पूछा, लेकिन वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं। जब उन्होंने मोबाइल की जांच की तो भारी मात्रा में हुए ट्रांजेक्शन देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
इसके बाद कंपनी के असली निदेशक से संपर्क किया गया, जिन्होंने किसी भी तरह के मैसेज या गिफ्ट कार्ड खरीदने से इनकार किया। तभी दोनों को साइबर ठगी का एहसास हुआ।
NCRP पोर्टल पर शिकायत, पुलिस कर रही जांच
घटना के बाद तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। मामला साइबर क्राइम थाने पहुंचा, जहां अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस नंबर से मैसेज आया था उसकी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि ठगों ने वीपीएन का इस्तेमाल कर विदेशी नंबर के जरिए ठगी को अंजाम दिया।
वीपीएन के जरिए ठगी की आशंका
पुलिस का कहना है कि साइबर ठग कई बार देश के भीतर रहकर ही वीपीएन के माध्यम से विदेशी नंबर से कॉल और मैसेज करते हैं। जांच के दौरान मैसेज की लोकेशन और ट्रांजेक्शन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। गनीमत यह रही कि समय रहते मामले पर ध्यान चला गया, नहीं तो ठगी की रकम और भी बढ़ सकती थी।