दौसा में हिस्ट्रीशीटर कुंजीलाल मीणा की अपहरण के बाद हत्या, आपसी रंजिश के एंगल से जांच
Mediawali news, दौसा
राजस्थान के Dausa जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां हिस्ट्रीशीटर कुंजीलाल मीणा का अपहरण कर जंगल में बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस इस मामले को आपसी रंजिश से जोड़कर जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, घटना 20 फरवरी की शाम करीब 7 बजे की है। कुंजीलाल मीणा अपनी स्विफ्ट कार से अपने दोस्तों मोनू मीणा और चेतराम मीणा से मिलने गया था। चेतराम को बड़े गांव में छोड़ने के बाद जब कुंजीलाल और मोनू वापस लौट रहे थे, तभी रलावता-रूपबास के जंगल के पास पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनकी कार रुकवा ली। बताया जा रहा है कि तीन गाड़ियों में सवार करीब 10-12 हमलावरों ने कुंजीलाल को जबरन कार से उतार लिया और जंगल की ओर ले गए। वहां लाठी-डंडों से उसकी जमकर पिटाई की गई। इस दौरान उसके साथी मोनू मीणा के साथ भी मारपीट की गई।
मृतक के भाई सुरेश मीणा के अनुसार, हमलावरों ने कुंजीलाल को अधमरी हालत में अपनी गाड़ी में डाल लिया और करीब पांच किलोमीटर तक घुमाते रहे। बाद में उसे लोटवाड़ा गांव के पास कार में ही छोड़कर फरार हो गए। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कुंजीलाल मीणा बालाहेड़ी थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ लूट, मारपीट सहित 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। इसी वजह से पुलिस इस वारदात को पुरानी दुश्मनी या आपसी विवाद से जोड़कर देख रही है।
घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने मॉर्च्युरी के बाहर प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम नहीं कराने की चेतावनी दी। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। इस घटना से इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।