चालान के नाम पर मोबाइल हैक, खाते में बिना अनुमति लोन; ठगों ने उड़ाए 3 लाख रुपये

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नोएडा के निजी कंपनी कर्मचारी से साइबर ठगी, APK फाइल खोलते ही मोबाइल हुआ हैक; बैंक की भूमिका पर भी सवाल

नोएडा में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चालान के नाम पर भेजी गई एपीके (APK) फाइल ने एक निजी कंपनी कर्मचारी की जिंदगी मुश्किल में डाल दी। ठगों ने पहले पीड़ित का मोबाइल हैक किया, फिर उसके बैंक खाते में बिना किसी अनुमति और फिजिकल वेरिफिकेशन के लाखों रुपये का लोन पास कराकर रकम ट्रांसफर कर ली।

सेक्टर-123 अंबेडकर सिटी सोसायटी में रहने वाले ब्रह्मा दत्त पाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका एचडीएफसी बैंक में खाता है और घटना के समय खाते में मात्र 1200 रुपये थे। 30 अगस्त को उनके एक कलीग के मोबाइल पर चालान से जुड़ी एक एपीके फाइल आई। जैसे ही कलीग ने फाइल ओपन की, उसका व्हाट्सऐप अकाउंट हैक हो गया। इसके बाद उसी नंबर से ठगों ने पीड़ित को भी आरटीओ चालान के नाम पर एपीके फाइल भेज दी।

APK फाइल खोलते ही हुआ मोबाइल हैक

पीड़ित ने बताया कि जैसे ही उन्होंने वह फाइल ओपन की, उनका मोबाइल भी हैक हो गया। अगले दिन उनके फोन पर लगातार 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर होने के मैसेज आने लगे। शुरुआत में उन्होंने इन मैसेज को नजरअंदाज कर दिया, लेकिन 31 अगस्त की शाम जब कुल 3 लाख रुपये निकलने का मैसेज आया, तब उन्हें ठगी का शक हुआ।

इसके बाद उन्होंने तुरंत एचडीएफसी बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क किया। बैंक की ओर से बताया गया कि उनके खाते में 4 लाख 18 हजार रुपये का लोन क्रेडिट किया गया है और उसी रकम से कई ट्रांजेक्शन किए गए हैं।

बिना अनुमति कैसे पास हुआ लोन?

पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने कभी किसी लोन के लिए आवेदन नहीं किया। न तो कोई साइन हुआ, न ही कोई फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया, इसके बावजूद बैंक ने उनके खाते में लोन क्रेडिट कर दिया। अगले ही दिन उन्होंने बैंक शाखा में लिखित शिकायत दी, जिसकी रिसीविंग उनके पास मौजूद है। साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस के अनुसार, ठगों ने आईएमपीएस (IMPS) के जरिए 10 बार में करीब 3 लाख रुपये ट्रांसफर किए। खाते में पहले केवल 1200 रुपये होने के बावजूद इतने बड़े ट्रांजेक्शन होना भी जांच का विषय है।

ईएमआई भरने का दबाव, पीड़ित परेशान

पीड़ित का कहना है कि अब बैंक की ओर से लोन की ईएमआई जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है और लीगल नोटिस भी भेजा गया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने फिलहाल केवल रकम ट्रांसफर की शिकायत दर्ज की है, लोन क्रेडिट को लेकर कोई अलग कार्रवाई नहीं की गई है।

मामले में सेक्टर-113 थाने की साइबर सेल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनके आधार पर जांच की जा रही है। वहीं साइबर क्राइम के वरिष्ठ अधिकारी जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिला रहे हैं।

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