APK फाइल से मोबाइल हैक कर खाते से 8 लाख की साइबर ठगी, एफडी तोड़कर उड़ाई रकम

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पीड़ित का आरोप—समय पर सूचना देने के बावजूद बैंक ने खाता फ्रीज नहीं किया, ठगों को मिला मौका

नोएडा। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के मोबाइल को एपीके (APK) फाइल के जरिए हैक कर उसके बैंक खाते से 8 लाख रुपये निकाल लिए। ठगों ने न सिर्फ खाते की यूजर आईडी और पासवर्ड रीसेट किया, बल्कि बिना खाताधारक की सहमति के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भी तोड़ दी। पीड़ित का आरोप है कि उसने समय रहते बैंक को जानकारी दी, लेकिन खाता तुरंत फ्रीज नहीं किया गया, जिससे ठगों ने वारदात को अंजाम दे दिया। मामले में साइबर थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

व्हाट्सऐप पर आई APK फाइल बनी ठगी की वजह

पुलिस के अनुसार, सेक्टर-34 निवासी विनोद कुमार के वॉट्सऐप पर 10 दिसंबर को एक अनजान नंबर से एपीके फाइल आई थी। जैसे ही उन्होंने फाइल पर क्लिक किया, मोबाइल में एक अज्ञात एप्लिकेशन अपने आप इंस्टॉल हो गई, जिसे डिलीट भी नहीं किया जा सका। कुछ ही देर में उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। हालांकि कुछ समय बाद फोन दोबारा चालू हो गया, लेकिन तब तक ठग मोबाइल का एक्सेस हासिल कर चुके थे।

बैंक खाते से आने लगे संदिग्ध मैसेज

अगले दिन सुबह 7 से 8 बजे के बीच विनोद कुमार के मोबाइल पर बैंक खाते से जुड़े कई संदिग्ध मैसेज आने लगे। इससे घबराकर उन्होंने तुरंत बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कस्टमर केयर से बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने सीधे बैंक अधिकारी से संपर्क कर खाते को तुरंत फ्रीज करने की मांग की।

खाता फ्रीज न होने से ठगों ने तोड़ी एफडी

पीड़ित का आरोप है कि बैंक अधिकारी ने खाता शाखा में पहुंचने के बाद ही फ्रीज करने की बात कही। इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके खाते की यूजर आईडी अनलॉक कर पासवर्ड रीसेट किया और एफडी तोड़ दी। ठगों ने चार बार में 2-2 लाख रुपये कर कुल 8 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।

चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुई रकम

बैंक की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगी की गई रकम पानीपत के चार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। आशंका जताई जा रही है कि ठगों ने एटीएम के जरिए नकद राशि निकाल ली है। पीड़ित ने इस पूरे मामले में बैंक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

साइबर थाने में केस दर्ज, जांच जारी

पीड़ित ने पहले एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला साइबर थाने में ट्रांसफर किया गया। पुलिस का कहना है कि जिस नंबर से एपीके फाइल भेजी गई थी, उसके आधार पर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

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