शेयर बाजार में भारी बिकवाली, निफ्टी 25,500 के नीचे बंद, सेंसेक्स में 550 अंकों की गिरावट
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 का दिन निवेशकों के लिए भारी नुकसान वाला साबित हुआ। लगातार दूसरे दिन बिकवाली के दबाव के चलते शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। आईटी, मेटल, एनर्जी, एफएमसीजी, ऑटो, बैंकिंग, मिडकैप और स्मॉलकैप समेत लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में तेज गिरावट देखने को मिली।
बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 करीब 1.30% गिरकर 25,471 के स्तर पर बंद हुआ और 25,500 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। वहीं, सेंसेक्स भी लगभग 560 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार कमजोर बंद हुआ था, जहां सेंसेक्स 558.72 अंक गिरकर 83,674.92 और निफ्टी 146.65 अंक गिरकर 25,807.20 पर बंद हुआ था।
आईटी और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
बाजार की गिरावट का प्रमुख कारण आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली रही, जिसने पूरे बाजार पर दबाव बनाया। इसके अलावा मेटल, एनर्जी और एफएमसीजी सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिली। मुथूट फाइनेंस के शेयर में करीब 11.85% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि कंपनी के तीसरी तिमाही के नतीजे मजबूत रहे। वहीं, लाइफसाइंसेज कंपनी का मुनाफा बढ़कर 108.83 करोड़ रुपये हो गया, बावजूद इसके बाजार की धारणा कमजोर बनी रही।
तकनीकी स्तरों पर बाजार का हाल
इंडिपेंडेंट मार्केट एक्सपर्ट अभिषेक वैष्णव के अनुसार, निफ्टी अब अहम सपोर्ट ज़ोन के करीब पहुंच गया है। निफ्टी के लिए 25,300–25,250 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 25,000 मजबूत सपोर्ट रहेगा। वहीं, 25,650–25,750 का स्तर रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 25,300 के ऊपर बना रहता है, तब तक इसे ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जाएगा, लेकिन 25,250 के नीचे गिरने पर बाजार में और गिरावट बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, हालिया तेजी के बाद बाजार में यह गिरावट एक सामान्य करेक्शन मानी जा रही है, लेकिन निवेशकों को आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और सेक्टरल मूवमेंट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।