पेट्रोल-डीजल की किल्लत या अफवाह? ‘No Stock’ बोर्ड के पीछे की असली वजह समझिए
Mediawali news, delhi
देश के कई शहरों में इन दिनों पेट्रोल पंपों पर ‘No Stock’ के बोर्ड लगे दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया है। कई जगहों पर लोग घबराकर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए लंबी लाइनों में लग रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में देश में ईंधन की कमी हो गई है या यह सिर्फ अफवाहों का असर है?
सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है। उनके अनुसार, कंपनियों के पास करीब 22 दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। वहीं पेट्रोल पंपों पर भी औसतन 4-5 दिनों का स्टॉक रहता है। इसके बावजूद कई शहरों में सप्लाई की समस्या देखने को मिल रही है।
दरअसल, इस स्थिति की मुख्य वजह “पैनिक बाइंग” यानी घबराहट में ज्यादा खरीदारी है। ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव और तेल की कीमत बढ़ने की खबरों के चलते लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीदना शुरू कर दिया। इससे अचानक मांग बढ़ गई और कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक जल्दी खत्म हो गया।
हैदराबाद जैसे शहरों में हालात ज्यादा गंभीर दिखे। बंजारा हिल्स, कुकटपल्ली और अन्य इलाकों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई। जहां पहले पेट्रोल भरवाने में कुछ मिनट लगते थे, अब लोगों को एक घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऑटो एलपीजी स्टेशनों पर भी लंबी लाइनें हैं, जिससे ऑटो चालकों को परेशानी हो रही है।
महाराष्ट्र में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही, जहां पेट्रोल-डीजल की खपत सामान्य से दोगुनी हो गई। वहीं उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी लंबी कतारें देखने को मिलीं।
डीलरों का कहना है कि सप्लाई में देरी का एक कारण नया भुगतान नियम भी है। अब तेल कंपनियां पहले एडवांस पेमेंट मांग रही हैं, जिससे डीलरों पर दबाव बढ़ा है और समय पर स्टॉक नहीं मिल पा रहा।
सरकार और तेल कंपनियां लगातार लोगों से अपील कर रही हैं कि वे घबराएं नहीं और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पैनिक बाइंग बंद हो जाए, तो यह स्थिति जल्दी सामान्य हो सकती है।
कुल मिलाकर, फिलहाल देश में ईंधन खत्म होने जैसी कोई बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि अफवाह और अचानक बढ़ी मांग के कारण यह हालात बने हैं।