क्या क्रिप्टोकरेंसी पर लगेगा बैन? RBI डिप्टी गवर्नर ने दिया बड़ा बयान

Share your love

‘क्रिप्टो सिर्फ कोड का टुकड़ा, न मुद्रा न वित्तीय संपत्ति’

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि क्रिप्टो न तो मुद्रा है और न ही किसी तरह की वित्तीय संपत्ति। उन्होंने इसे केवल “कोड का एक टुकड़ा” बताया, जिसकी कोई आंतरिक (Intrinsic) वैल्यू नहीं है।

क्रिप्टो में पैसे के मूलभूत गुण नहीं

न गारंटी, न जारीकर्ता का भरोसा

एक कार्यक्रम में बोलते हुए रबी शंकर ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी में पैसे के मूलभूत गुण मौजूद नहीं हैं। इसके पीछे न तो किसी जारीकर्ता की गारंटी होती है और न ही भुगतान का कोई वादा। इसकी कीमत पूरी तरह अटकलों और बाजार की धारणा पर आधारित होती है।

करेंसी से तुलना को बताया गलत

पारंपरिक मुद्रा भरोसेमंद सिस्टम पर आधारित

RBI डिप्टी गवर्नर ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक करेंसी और बैंक डिपॉजिट किसी भरोसेमंद जारीकर्ता के वादे और मजबूत सिस्टम पर आधारित होते हैं। इसके विपरीत, क्रिप्टोकरेंसी में ऐसी कोई विश्वसनीय संरचना नहीं है, इसलिए इसे मुद्रा कहना भ्रामक है।

क्या क्रिप्टो ट्रेडिंग जुए जैसी है?

‘कीमतों के उतार-चढ़ाव पर लगाया जाता है दांव’

रबी शंकर ने क्रिप्टो ट्रेडिंग की तुलना जुए से करते हुए कहा कि बिना समर्थन वाली क्रिप्टोकरेंसी गणितीय दांवों पर आधारित होती है। क्रिप्टो ट्रेडर्स किसी खबर या घटना के आधार पर केवल कीमतों के उतार-चढ़ाव पर दांव लगाते हैं।

भारत में क्रिप्टो का मौजूदा स्टेटस

न पूरी तरह बैन, न पूरी तरह वैध

भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर न तो पूरी तरह प्रतिबंध है और न ही इसे पूरी तरह वैध माना गया है। हालांकि, क्रिप्टो लेनदेन और ट्रेडिंग पर भारी टैक्स लगाया जाता है। RBI लगातार इसके जोखिमों को लेकर आगाह करता रहा है।

रियल-मनी गेमिंग पर सरकार का सख्त रुख

1 अक्टूबर 2025 से सभी रियल-मनी गेमिंग ऐप्स पर बैन

गौरतलब है कि अगस्त 2025 में केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने और विनियमन अधिनियम, 2025 के तहत सभी रियल-मनी गेमिंग ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us