कानपुर में उद्योग बंधु और व्यापार बंधु बैठक: डीएम ने लंबित मामलों पर जताई नाराजगी, जनहित कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश
लंबित प्रकरणों पर सख्त रुख, विभागों को जवाबदेही तय करने के निर्देश
कानपुर नगर के सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला उद्योग बंधु एवं जिला व्यापार बंधु की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग समयसीमा के भीतर कार्यों का निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर समयसीमा के बाद लंबित 12 प्रकरणों की समीक्षा की गई। इनमें सात प्रकरण हाउसिंग विभाग से संबंधित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। फूड सेफ्टी एंड ड्रग विभाग, यूपीसीडा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और यूपीपीसीएल से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के भी निर्देश दिए गए।
अतिक्रमण और अव्यवस्था पर संयुक्त अभियान के निर्देश
औद्योगिक संगठनों आईआईए, फीटा, पीआईए और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों ने एलएलआर तिराहे के पास अंडरपास की ग्रीन बेल्ट में दोबारा अतिक्रमण होने का मुद्दा उठाया। एनएचएआई द्वारा पहले कार्रवाई किए जाने के बावजूद पुनः कब्जे की शिकायत पर जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक एनएचएआई और थाना पनकी को संयुक्त अभियान चलाकर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गोविंदपुरी मार्ग पर ट्रांसफार्मर से बाधित यातायात
व्यापार बंधु बैठक में गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन मार्ग पर बीच सड़क लगे ट्रांसफार्मर के कारण आवागमन बाधित होने का मामला प्रमुखता से उठाया गया। केस्को अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर स्थानांतरण में लगभग 10 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान बताया। जिलाधिकारी ने धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके।
विकासनगर मार्केट में शौचालय निर्माण में देरी पर नाराजगी
विकासनगर मार्केट में शौचालय निर्माण की लंबित मांग पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए 28 मार्च तक निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 में निर्देशित 3.92 लाख रुपये की लागत से बनने वाला शौचालय अब तक पूरा नहीं हो सका है, जो सार्वजनिक सुविधाओं के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
119 करोड़ की प्रस्तावित परियोजनाओं पर उद्यमियों की आपत्ति
बैठक में नगर निगम क्षेत्र में स्टाम्प शुल्क से प्राप्त धनराशि से प्रस्तावित लगभग 119.05 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं पर उद्यमियों ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई प्रस्तावित कार्य तत्काल जनहित की प्राथमिकता में नहीं आते और सौंदर्यीकरण के नाम पर अनावश्यक व्यय प्रतीत होते हैं।
प्रस्तावित परियोजनाओं में पनकी में सांस्कृतिक थीम पार्क, काकादेव में मेडिटेशन पार्क, झांसी रानी पार्क में सेंसरी पार्क, फूलबाग में गो-कार्टिंग ट्रैक, प्रवेश द्वार और सौंदर्यीकरण, नाला कवरिंग सहित अन्य कार्य शामिल हैं। उद्यमियों ने सुझाव दिया कि उपलब्ध धनराशि का उपयोग सड़क, जलनिकासी, प्रमुख बाजारों में शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और औद्योगिक आधारभूत ढांचे पर प्राथमिकता से किया जाए।
परियोजनाओं की समीक्षा के लिए समिति गठित
जिलाधिकारी ने उद्यमियों की आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की। यह समिति प्रत्येक परियोजना की आवश्यकता और उपयोगिता की समीक्षा करेगी और समिति की संस्तुति के आधार पर ही आगे निर्णय लिया जाएगा।
नौबस्ता मंडी में चूहों से अनाज नुकसान का मुद्दा
नौबस्ता गल्ला मंडी में चूहों के कारण हर वर्ष लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक के अनाज नुकसान का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। जिलाधिकारी ने मंडी सचिव को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए ठोस व्यवस्था करने को कहा।
झकरकटी बस अड्डे के सामने सड़क मरम्मत के निर्देश
झकरकटी बस अड्डे के सामने क्षतिग्रस्त सड़क के कारण लगने वाले जाम की समस्या पर भी जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभाग को शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए, ताकि पुल पर बसों के खड़े होने से उत्पन्न अव्यवस्था को समाप्त किया जा सके।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और व्यापारी संगठनों की भागीदारी
बैठक में डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार, प्रभारी अपर जिलाधिकारी नगर आलोक कुमार गुप्ता, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह, उपायुक्त जीएसटी अफसर हुसैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही विजय पंडित, उमंग अग्रवाल, शेषनारायण द्विवेदी, कपिल सब्बरवाल, बृजेश शुक्ला, उपेंद्र जायसवाल समेत व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत किए।
जिला उद्योग बंधु और व्यापार बंधु की बैठक में औद्योगिक और व्यापारिक समस्याओं, जनसुविधाओं, अव्यवस्था और विकास योजनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित कार्यों में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी परियोजनाओं की उपयोगिता और प्राथमिकता के आधार पर ही आगे निर्णय लिया जाएगा।