इंजीनियरिंग निर्यात में गिरावट, 15 प्रमुख बाजारों में कमी

अक्टूबर 2025 में इंजीनियरिंग निर्यात में बड़ी गिरावट

Share your love

 

अक्टूबर 2025 में भारत के इंजीनियरिंग निर्यात में 16.71% की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष अक्टूबर की तुलना में एक महत्वपूर्ण कमी है। EEPC इंडिया द्वारा जारी व्यापार विश्लेषण के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से शीर्ष 25 निर्यात स्थलों में से 15 में शिपमेंट्स में आई कमी के कारण हुई। यह स्थिति भारत के निर्यात उद्योग के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इंजीनियरिंग निर्यात देश की कुल विदेशी व्यापार आय में बड़ा योगदान देता है।

प्रमुख उत्पाद पैनलों में नकारात्मक वृद्धि

रिपोर्ट में बताया गया कि इंजीनियरिंग क्षेत्र के 34 प्रमुख उत्पाद पैनलों में से 23 में साल-दर-साल गिरावट देखी गई। इसका अर्थ है कि अधिकांश इंजीनियरिंग उत्पादों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कम हुई। गिरावट का दायरा छोटे उपकरणों से लेकर मशीनरी, धातु उत्पाद, औद्योगिक पार्ट्स तक विस्तृत रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह नकारात्मक रुझान वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से जुड़ा है, जिसमें मांग की सुस्ती, विनिमय दर उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला बाधाएं प्रमुख रही हैं।

वैश्विक और बाज़ार संबंधी चुनौतियाँ

EEPC विश्लेषण दर्शाता है कि 15 बड़े निर्यात बाजारों में भारतीय इंजीनियरिंग वस्तुओं की मांग घटी है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मंदी, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक अस्थिरता और व्यापार नीतियों में बदलाव ने भारतीय निर्यातकों पर व्यापक असर डाला। कई देश वर्तमान में निवेश और आयात खर्च में कटौती कर रहे हैं, जिसका सीधा प्रभाव भारत के इंजीनियरिंग निर्यात पर दिखाई दिया।

रणनीति, समाधान और भविष्य की राह

EEPC इंडिया ने सुझाव दिया है कि निर्यातक केवल पारंपरिक बाजारों पर निर्भर न रहें, बल्कि नए देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अवसर तलाशें। तकनीकी उन्नयन, उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पाद और प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य निर्धारण से भारतीय उत्पादों की वैश्विक मांग दोबारा बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार प्रोत्साहन योजनाओं को मजबूत करे, लॉजिस्टिक्स लागत में सुधार लाए और निर्यातकों को नई बाजार रणनीतियों में सहयोग दे, तो निकट भविष्य में निर्यात वृद्धि संभव है।

अक्टूबर 2025 की गिरावट भले ही चिंता का संकेत देती है, लेकिन यह स्थायी नहीं है। सही नीति, नवाचार और बाज़ार विस्तार के साथ भारत इंजीनियरिंग निर्यात को फिर से विकास पथ पर ला सकता है।

navya seth
navya seth
Articles: 281

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us