IMF ने भारत-पाकिस्तान को GDP डेटा में एक जैसा ‘C’ ग्रेड क्यों दिया?

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8.2% GDP ग्रोथ पर विपक्ष के सवाल — क्या आंकड़ों में सच में कमी है?

कल्पना कीजिए कि आप स्कूल में हैं और आपका रिपोर्ट कार्ड आता है। मैथ्स में C ग्रेड, बाकी विषयों में B ग्रेड मिलता है। मतलब — पास भी, प्रगति भी, लेकिन सुधार की ज़रूरत भी। यही स्थिति भारत की अर्थव्यवस्था के आंकड़ों के साथ देखने को मिली।

26 नवंबर को International Monetary Fund (IMF) ने भारत के GDP डेटा को ‘C’ ग्रेड दिया। वहीं, अगले ही दिन सरकार ने Q2 (जुलाई-सितंबर 2025) का GDP डेटा जारी किया जिसमें ग्रोथ 8.2% रही — दुनिया में सबसे तेज़।
यही विरोधाभास अब देश में बहस का विषय बना हुआ है।

IMF ने C ग्रेड क्यों दिया?

IMF के अनुसार भारत के GDP डेटा में सबसे बड़ी कमी डेटा कवरेज की है।
भारत को तीन मुख्य कारणों से C मिला:

1) कवरेज में कमी — C ग्रेड
  • छोटे दुकानदार

  • रेहड़ी-पटरी वाले

  • घर से काम करने वाले लोग

इनके योगदान का पूर्ण डेटा GDP में शामिल नहीं होता।

2) GDP डेटा का कुल ग्रेड — C

कितने प्रोसेस पारदर्शी हैं, आंकड़े कितने वास्तविक हैं — इस आधार पर ग्रेड दिया जाता है। कवरेज कमजोर होने से कुल ग्रेड भी C रहा।

3) ओवरऑल डेटा क्वालिटी — B ग्रेड

IMF ने यह भी माना कि भारत का कुल डेटा सिस्टम खराब नहीं है।
काम चलता है, लेकिन सुधार ज़रूरी है।
सुधार हो जाए तो भारत A ग्रेड भी पा सकता है।

A ग्रेड पाने के लिए क्या बदलना होगा?

IMF ने तीन सुधार सुझाए:

नया बेस ईयर

2011-12 पुराना है। अब 2026 में नया बेस ईयर 2022-23 लागू होने की संभावना है।

 डेटा कवरेज बढ़ाना

90% वर्कफोर्स अनौपचारिक सेक्टर में है। इसे जोड़ना होगा ताकि असली आर्थिक तस्वीर स्पष्ट हो।

 WPI की जगह PPI अपनाना

WPI थोक कीमतें दिखाता है, जबकि PPI उत्पादन लागत को।
GDP की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए PPI बेहतर माना जाता है।

क्या GDP आंकड़ों में सच में गड़बड़ है?
  • सरकार का दावा: 8.2% ग्रोथ मजबूत इकोनॉमी का सबूत।

  • विपक्ष का सवाल: जब IMF ने C दिया, तो डेटा भरोसेमंद कैसे?

  • विशेषज्ञों की राय: C गड़बड़ी नहीं, बल्कि सुधार का संकेत है। ‘Warning, not failure’.

क्या भारत-पाक को एक जैसा ग्रेड मिलना सही?

IMF का फोकस राजनीति या विकास स्तर पर नहीं था — सिर्फ डेटा गुणवत्ता पर था।
भारत और पाकिस्तान दोनों में डेटा कलेक्शन मेथड करीब-करीब समान है, इसलिए ग्रेड भी समान आया।

लेकिन महत्वपूर्ण बात —
❗प्रदर्शन में भारत बहुत आगे है।
भारत की GDP ग्रोथ: 8.2%
पाकिस्तान की GDP: 5.7%

क्वालिटी समान, पर परिणाम अलग और बेहतर।

GDP क्यों जरूरी है?

GDP बताता है कि एक देश कितना उत्पादन कर रहा है — यानी उसकी आर्थिक सेहत कैसी है।
GDP दो प्रकार की होती है:

  • रियल GDP — स्थिर कीमतों पर

  • नॉमिनल GDP — वर्तमान कीमतों पर

और इसे एक फॉर्मूला से नापा जाता है:
GDP = C + G + I + NX
जहाँ C–खपत, G–सरकारी खर्च, I–निवेश और NX–नेट एक्सपोर्ट।

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