Gold Silver ETF Crash: सिल्वर ETF में 20% की बड़ी गिरावट, मल्टीबैगर रैली पर लगा ब्रेक; गोल्ड ETF भी टूटे
Gold Silver ETF Crash: सोने-चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट का सीधा असर गोल्ड और सिल्वर ETF पर देखने को मिला है। हाल के दिनों में जबरदस्त रैली के बाद अब इन ETF में भारी करेक्शन आया है। जहां कई सिल्वर ETF करीब 20% तक टूट गए, वहीं गोल्ड ETF में भी 7–10% तक की गिरावट दर्ज की गई है। इस अचानक गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है और मल्टीबैगर रैली पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
कितनी बड़ी रही गिरावट?
बीते कारोबारी सत्र में कई प्रमुख ETF में तेज बिकवाली देखने को मिली।
सिल्वर ETF की बात करें तो टाटा सिल्वर ETF में 16% से ज्यादा, जबकि अन्य बड़े सिल्वर ETF में 10–11% तक की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं गोल्ड ETF में भी टाटा, निप्पॉन, एचडीएफसी और एसबीआई जैसे बड़े फंड 7 से 9% तक फिसल गए।
हालांकि, बाजार बंद होने तक थोड़ी रिकवरी जरूर आई, लेकिन इसके बावजूद सिल्वर ETF करीब 17% की गिरावट पर बंद हुए, जो निवेशकों के लिए बड़ा झटका है।
जब इंटरनेशनल सिल्वर मजबूत, फिर ETF क्यों टूटे?
दिलचस्प बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर करीब 93 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा, लेकिन भारतीय बाजार में MCX फ्यूचर्स और ETF में भारी गिरावट आई।
दरअसल, ETF की कीमतें सिर्फ धातु के भाव पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि डिमांड-सप्लाई और iNAV (Indicative Net Asset Value) भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं।
ETF में गिरावट के 4 बड़े कारण
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डॉलर में मजबूती और ग्लोबल मार्केट में रिस्क लेने की प्रवृत्ति बढ़ना
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सेफ-हेवन डिमांड में कमी, जिससे सोना-चांदी दबाव में आए
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तेज रैली के बाद मुनाफावसूली
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भू-राजनीतिक तनाव में नरमी, खासकर अमेरिका से जुड़े बयानों के बाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों से वैश्विक तनाव कम होने के संकेत मिले, जिससे निवेशकों का रुझान सेफ एसेट्स से हट गया।
एक्सपर्ट्स की राय क्या है?
कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल सोने-चांदी में बहुत ज्यादा वोलैटिलिटी है। ऐसे में नई पोजीशन लेने से बचना बेहतर होगा।
हालांकि, लॉन्ग टर्म में आउटलुक अब भी पॉजिटिव बताया जा रहा है, क्योंकि सोलर, EV, AI और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत बनी हुई है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों की सलाह है कि ETF में निवेश करते समय सिर्फ धातु की कीमत नहीं, बल्कि
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प्रीमियम/डिस्काउंट,
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iNAV,
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और मार्केट वोलैटिलिटी
पर भी नजर रखना बेहद जरूरी है। यह गिरावट साफ दिखाती है कि ETF की ट्रेडिंग डाइनैमिक्स निवेश के नतीजों को काफी प्रभावित कर सकती हैं।