गारमेंट और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में तेजी, निर्यात ऑर्डर 10% बढ़े
अब निर्यातकों के कारोबार में दिखने लगा उछाल
नोएडा
पिछले कई महीनों की सुस्ती के बाद अब जिले के निर्यातकों के कारोबार में धीरे-धीरे तेजी लौटती नजर आ रही है। बीते दो से तीन सप्ताह के भीतर गारमेंट एक्सपोर्ट, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और ऑटो पार्ट्स समेत कई सेक्टरों में लगभग 10 प्रतिशत तक नए ऑर्डर मिले हैं। इससे निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है और आने वाले समय को लेकर उम्मीदें भी बढ़ी हैं
अमेरिका और यूरोप से बढ़े ऑर्डर
जिले के निर्यातकों का प्रमुख कारोबार अमेरिका, यूरोप और अफ्रीकी देशों के साथ होता है। इनमें सबसे अधिक मांग गारमेंट्स, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, ऑटो पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक सामानों की रहती है। हाल के दिनों में अमेरिका और यूरोप के देशों से नए ऑर्डर मिलने शुरू हुए हैं, जिससे उद्योग जगत में सकारात्मक माहौल बन रहा है।
टैरिफ और वैश्विक तनाव से हुआ था नुकसान
पिछले छह से आठ महीनों के दौरान वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और टैरिफ की वजह से जिले के निर्यात कारोबार में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई थी। इस दौर में कई निर्यातकों को नुकसान उठाना पड़ा। हालात से निपटने के लिए निर्यातकों ने नए देशों में बाजार तलाशने के साथ-साथ घरेलू बाजार पर भी ध्यान देना शुरू किया था।
व्यापार समझौतों से बढ़ी उम्मीद
अब यूरोपीय देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते और अमेरिका द्वारा टैरिफ में राहत दिए जाने से हालात में सुधार आने लगा है। अपैरल पार्क क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने बताया कि अमेरिका से दोबारा खरीदारी के ऑर्डर आने लगे हैं। इससे उद्योगों में उत्पादन बढ़ने की संभावना है और कारोबार का माहौल बेहतर हो रहा है।
हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम सेक्टर में भी तेजी
हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सीपी शर्मा ने बताया कि अमेरिका और यूरोप से इन उत्पादों की मांग बढ़ी है। इससे छोटे कारीगरों और इकाइयों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
पूरी तरह सामान्य होने में लगेगा समय
निर्यातक अभिषेक मिश्रा के अनुसार अभी ऑर्डर सीमित मात्रा में ही मिल रहे हैं। मौजूदा हालात पूरी तरह सामान्य होने में चार से छह महीने का समय लग सकता है। हालांकि ऑर्डर बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिका और यूरोप में भारतीय उत्पादों की मांग चीन, बांग्लादेश और वियतनाम की तुलना में अधिक बनी रहती है।