भारत को वेनेजुएला का तेल खरीदने की इजाजत दे सकता है अमेरिका, ट्रम्प ने बड़ी ऑयल कंपनियों से की अहम बैठक
अमेरिका भारत को एक बार फिर वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि यह अनुमति अमेरिकी निगरानी और कुछ शर्तों के साथ दी जा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते रुका हुआ भारत-वेनेजुएला तेल व्यापार फिर से पटरी पर लौट सकता है।
अमेरिकी निगरानी में होगा तेल व्यापार
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका वेनेजुएला के तेल व्यापार पर पूरी निगरानी रखेगा और शर्तों के आधार पर कुछ देशों व कंपनियों को खरीद की इजाजत देगा। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि ये शर्तें क्या होंगी। इससे पहले अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत समेत कई देशों ने वेनेजुएला से तेल आयात बंद कर दिया था।
रिलायंस की भी दिलचस्पी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज भी वेनेजुएला से दोबारा तेल खरीदने की अनुमति चाहती है। सूत्रों के अनुसार, रिलायंस अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट और ट्रेजरी डिपार्टमेंट से इस संबंध में बातचीत कर रही है।
रिलायंस के पास गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है, जिसकी क्षमता करीब 14 लाख बैरल प्रतिदिन है। कंपनी पहले भी अमेरिकी लाइसेंस के तहत वेनेजुएला से तेल खरीद चुकी है।
ट्रम्प की ऑयल कंपनियों से अहम बैठक
शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में एक्सॉन मोबिल, शेवरॉन और कोनोकोफिलिप्स जैसी दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में करीब 9 लाख करोड़ रुपये के संभावित निवेश पर चर्चा हुई।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका तय करेगा कि कौन-सी कंपनियां वेनेजुएला में निवेश करेंगी और तेल मुनाफे को वेनेजुएला, अमेरिका और कंपनियों के बीच बांटा जाएगा।
भारत के लिए क्यों अहम है वेनेजुएला का तेल
वेनेजुएला OPEC का सदस्य है और उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, हालांकि वैश्विक सप्लाई में उसकी हिस्सेदारी करीब 1% ही है। 2019 में अमेरिका ने वेनेजुएला पर सख्त आर्थिक और सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए थे, जिससे भारत ने भी तेल खरीदना बंद कर दिया था।
हालांकि 2023-24 में प्रतिबंधों में आंशिक ढील के बाद भारत ने फिर से वेनेजुएला से तेल आयात शुरू किया था और 2024 में यह 63,000 से 1 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया। 2025 में यह आयात करीब 1.41 अरब डॉलर तक पहुंचा।
ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा फायदा
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है। अगर अमेरिका फिर से वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति देता है, तो भारत को रूस और मध्य-पूर्व पर निर्भरता कम करने का एक और विकल्प मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और वैश्विक तेल बाजार में संतुलन भी बनेगा।