शादी सीज़न खत्म होने को, UP रोडवेज को एक भी बुकिंग नहीं—निजी ऑपरेटरों की हुई बंपर कमाई
शादी के शुभ मुहूर्त 12 दिसंबर तक चलते रहे, लेकिन पूरे सीजन में उत्तर प्रदेश रोडवेज की एक भी बस विवाह समारोहों के लिए बुक नहीं हुई। वहीं दूसरी ओर निजी बस ऑपरेटरों की धड़ाधड़ बुकिंग होती रही और अच्छा खासा मुनाफा हुआ।
कोविड के बाद से लगातार गिरावट
आंकड़ों के मुताबिक, कोविड-19 के बाद से ही सरकारी बसों की बुकिंग लगातार शून्य पर है। किराया समीक्षा न होने और पुराने नियमों के चलते हर बार यही स्थिति बन रही है।
पंडितों के अनुसार, 12 दिसंबर तक विवाह मुहूर्त रहने के बाद शुक्र अस्त होने के कारण 14 जनवरी 2026 तक शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे।
सरकारी बसें महंगी, सुविधाएं कम—यही है मुख्य कारण
परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी बसें महंगी हैं और नियम कठोर।
रोडवेज का किराया:
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50 से 400 किमी तक बस बुक करने पर न्यूनतम किराया 27,808 रुपये
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इसके बाद प्रति किमी 69.52 रुपये अतिरिक्त
यानी सिर्फ 60 किमी की दूरी तय करने पर भी किराया लगभग 28,800 रुपये बैठता है, जो आम लोगों को शुरुआत में ही रास्ता बदलने पर मजबूर कर देता है।
निजी बसें आधे किराए में उपलब्ध
इसके उलट निजी बस ऑपरेटरों ने सरल और स्पष्ट किराया तय किया है, जो जेब पर भी हल्का पड़ता है।
निजी बसों के अनुमानित किराये:
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50 किमी – ₹6,000
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100 किमी – ₹12,000
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200 किमी – ₹24,000
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300 किमी – ₹36,000
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400 किमी – ₹48,000
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500 किमी – ₹60,000
यात्री आसानी से दूरी और किराए की तुलना कर लेते हैं। निजी बसें बेहतर सीट, बेहतर सस्पेंशन, आधुनिक मॉडल और जरूरत के अनुसार सुविधाएँ भी देती हैं—यही उनकी लोकप्रियता का बड़ा कारण है।
कड़े नियम और पेनल्टी से भी लोग दूर
सरकारी बसों में यात्रियों की संख्या से लेकर समय सीमा तक कई नियम सख्त हैं—
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52-सीटर बस में एक भी अतिरिक्त यात्री की मनाही
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अधिक दूरी पर अतिरिक्त शुल्क
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समय ज्यादा होने पर पेनल्टी
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सुविधाएँ भी सीमित
यही वजह है कि 1 नवंबर से शुरू हुए पूरे शादी सीजन में एक भी सरकारी बस बुक नहीं हुई, जबकि निजी बसें लगातार फुल बुक रहीं।
UP रोडवेज का वर्तमान किराया (प्रति बस)
| दूरी (किमी) | शुल्क (₹) |
|---|---|
| 200 | 27,808 |
| 300 | 27,808 |
| 400 | 27,808 |
| 500 | 35,760 |
| 600 | 43,712 |