ओवरलोड बसें बनीं सड़क सुरक्षा के लिए खतरा, प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
नोएडा। शहर की सड़कों और यमुना एक्सप्रेसवे पर दौड़ रही निजी बसें नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। देर रात तक चलने वाली इन बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं और सामान बस की छत तक भरकर लादा जाता है। ओवरलोडिंग की यह प्रवृत्ति सड़क हादसों को निमंत्रण दे रही है, जबकि नियंत्रण और निगरानी अब भी बेहद सीमित नजर आती है।
रात में बेकाबू बसें और यात्रियों की जिंदगी दांव पर
मंगलवार रात करीब 12:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से बनारस जा रही एक निजी स्लीपर बस पलट गई। इसमें 50 की क्षमता वाली बस में 60 यात्री सवार थे और ऊपर भारी सामान भी रखा गया था। असंतुलन के कारण हुए इस हादसे में लगभग 14 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
बावजूद इसके, निजी बसों का ओवरलोड होकर चलना आम बात बन गया है। त्योहार और शादियों के मौसम में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। तस्वीरें और वीडियो भी अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं, जो इस लापरवाही की हकीकत बयान करते हैं।
जिले में बस फिटनेस की स्थिति
परिवहन विभाग के अनुसार जिले में कुल 6322 बसें पंजीकृत हैं। इनमें से 291 बसें फिटनेस न होने के कारण अनफिट श्रेणी में हैं। ऐसे वाहन बिना फिटनेस प्रमाणन के चलना दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ाते हैं।
विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं और चेतावनी दी गई है कि फिटनेस न कराने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई जारी लेकिन व्यवस्था अभी भी ढीली
विभाग के प्रवर्तन दल ने बताया कि औसतन हर महीने 200 से अधिक ओवरलोड वाहनों पर चालान किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि ओवरलोड वाहन चालक और आम जनता दोनों की जान जोखिम में डालते हैं, इसलिए नियमित अभियान चलाया जा रहा है।
फिर भी, आंकड़े बताते हैं कि ओवरलोडिंग का प्रवाह थमने का नाम नहीं ले रहा।
ओवरलोडिंग पर कार्रवाई के आंकड़े
| वर्ष | चालान | वसूली (रुपये में) |
|---|---|---|
| 2023-24 | 1844 | 5.31 करोड़ |
| 2024-25 | 2586 | 10.44 करोड़ |
| अप्रैल से अब तक | 917 | 3.57 करोड़ |
राजस्व वसूली पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी है, जो बताती है कि उल्लंघन भी उसी गति से बढ़ रहा है।
प्रशासन का बयान
उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन, गौतमबुद्ध नगर
“ओवरलोड वाहनों पर लगातार निरीक्षण और कार्रवाई जारी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्ती रहेगी।