मूकबधिर यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज की नई पहल
चालक-परिचालकों को सिखाई जाएगी सांकेतिक भाषा, मोरना डिपो से शुरुआत
शहर में मूकबधिर यात्रियों की यात्रा को और सहज बनाने के लिए रोडवेज प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब बसों के चालक और परिचालक सांकेतिक भाषा सीखेंगे, ताकि वे मूकबधिर यात्रियों से प्रभावी तरीके से संवाद कर सकें।
मोरना डिपो में शुरू हुआ प्रशिक्षण
इस पहल की शुरुआत रविवार को सेक्टर-35 स्थित मोरना डिपो से की गई। प्रशिक्षण के पहले ही दिन 15 से अधिक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारी बताते हैं कि हर सप्ताह ऐसी कक्षाएं आयोजित की जाएँगी, ताकि समय के साथ सभी चालक-परिचालक इस भाषा में दक्ष हो सकें।
यात्रियों की परेशानी ने दिखाया रास्ता
अक्सर बसों में मूकबधिर यात्री हाथ के इशारों से अपनी बात समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन चालक-परिचालकों को सांकेतिक भाषा की जानकारी न होने के कारण संचार में दिक्कत होती थी। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है, ताकि किसी भी दिव्यांग यात्री को असुविधा का सामना न करना पड़े।
अधिक संवेदनशील और समावेशी सेवाओं की दिशा में कदम
रोडवेज आरएम मनोज कुमार सिंह का कहना है कि रोडवेज का उद्देश्य है—सबको साथ लेकर चलना। पहले से ही दिव्यांग यात्रियों को सीट प्राथमिकता दी जाती है, और अब सांकेतिक भाषा सीखने से उनकी सुविधा और बढ़ जाएगी। यह कदम रोडवेज की सेवाओं को और अधिक संवेदनशील एवं समावेशी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।