महिलाओं की सुविधा के लिए बड़ा कदम: ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट में मिलेगा अतिरिक्त समय, प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव
एआरटीओ ने भेजा प्रस्ताव, मुख्यालय के निर्देशों के बाद होगा अमल
नोएडा जिले में महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के दौरान आने वाली चुनौतियों पर अब प्रशासन ने गंभीरता से ध्यान देना शुरू कर दिया है। कई महिलाएं लंबे समय से यह मांग कर रही थीं कि स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा के दौरान उन्हें वाहन चलाने के लिए थोड़ा अधिक समय दिया जाए। उनका कहना है कि निर्धारित समय अत्यंत कम है, जिसके कारण वे पर्याप्त अभ्यास और कौशल होने के बावजूद परीक्षा पास नहीं कर पातीं। विशेष रूप से वे महिलाएं जो दूर-दराज के क्षेत्रों से दादरी स्थित निजी मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंचती हैं, उन्हें सफर की थकान और समय की कमी के कारण मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है।
इन समस्याओं को समझते हुए एआरटीओ प्रशासन के नंद कुमार ने परिवहन मुख्यालय को आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। यह कदम तब उठा जब प्रदेश की परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने दादरी प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई महिलाओं ने सीधे परिवहन आयुक्त से बात करते हुए बताया कि केंद्र की दूरी, लंबा सफर और फिर तुरंत टेस्ट देने का दबाव उनके प्रदर्शन को प्रभावित करता है। महिलाओं ने यह भी कहा कि वे वाहन अच्छी तरह चलाना जानती हैं, लेकिन कम समय में टेस्ट पूरा करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है, जिसके कारण वे असफल हो जाती हैं।
परिवहन आयुक्त ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और भरोसा दिलाया कि विभाग इस दिशा में समाधान के लिए जरूरी कदम उठाएगा। इसी आश्वासन के बाद एआरटीओ कार्यालय ने पूरे मामले को विस्तार से लिखकर मुख्यालय भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो महिलाओं को ड्राइविंग टेस्ट में अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे उनकी सफलता की संभावना बढ़ेगी और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकेंगी।
यह कदम महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि हाल के वर्षों में ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रशासन का यह फैसला महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और समावेशी परिवहन व्यवस्था की दिशा में उठाया गया सराहनीय कदम माना जा रहा है।