एफटीए का असर: लग्जरी कारें होंगी सस्ती, बाजार में दिखने लगा ठहराव

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आयात शुल्क में कटौती से बड़ी राहत


भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच 2026 की शुरुआत में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का असर अब ऑटोमोबाइल सेक्टर में साफ दिखने लगा है। इस समझौते के तहत आयात शुल्क में भारी कटौती की जाएगी, जिससे लग्जरी कारों की कीमतों में 20 लाख से लेकर 60 लाख रुपये तक की कमी आने की संभावना है। इसका सबसे बड़ा फायदा महंगी और प्रीमियम कार खरीदने वाले ग्राहकों को मिलने वाला है।

जिले में 1550 से ज्यादा लग्जरी कारें


परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में इस समय एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की करीब 1550 लग्जरी कारें सड़कों पर दौड़ रही हैं। वर्ष 2025 में इस सेगमेंट में तेजी देखी गई थी और अकेले पिछले साल 435 नई लग्जरी कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ। हालांकि एफटीए की घोषणा के बाद अब बाजार में सुस्ती नजर आने लगी है।

ग्राहक टाल रहे खरीदारी


एफटीए लागू होने की उम्मीद को देखते हुए कई ग्राहक फिलहाल नई कार खरीदने से बच रहे हैं। अधिकांश ग्राहक 2027 का इंतजार कर रहे हैं, जब यह समझौता पूरी तरह प्रभावी होगा और कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।

डीलर्स पर बढ़ा दबाव


नोएडा सेक्टर-5 स्थित लैंड रोवर शोरूम के सेल्स मैनेजर वरुण सिंह खुल्लर के अनुसार, एफटीए से भविष्य में ग्राहकों को फायदा जरूर होगा, लेकिन फिलहाल डीलर्स पर स्टॉक निकालने का दबाव बढ़ गया है। कई ग्राहकों ने अपनी बुकिंग भी रद्द कर दी है।

इम्पोर्ट ड्यूटी में ऐतिहासिक कटौती


सेक्टर-8 स्थित मर्सिडीज शोरूम के सेल्स मैनेजर मोहित कुमार जैन ने बताया कि अभी तक लग्जरी कारों पर लगभग 110 प्रतिशत तक इम्पोर्ट ड्यूटी लगती थी। एफटीए के तहत इसे चरणबद्ध तरीके से लगभग पूरी तरह खत्म किया जाएगा।

बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा


ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि एफटीए लागू होने के बाद लग्जरी कार बाजार में नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स नए मॉडल लॉन्च कर सकते हैं, जिससे आने वाले वर्षों में यह सेगमेंट और तेजी पकड़ सकता है।

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