भारी वाहन मालिकों को बड़ी राहत, फिटनेस जांच के लिए अब नहीं जाना पड़ेगा एटीएस सेंटर
नोएडा
नोएडा में भारी और विशेष श्रेणी के वाहन चलाने वालों के लिए परिवहन विभाग का फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। खेती, निर्माण और औद्योगिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले 17 प्रकार के वाहनों की फिटनेस जांच अब दोबारा परिवहन कार्यालय में ही की जाएगी। इससे वाहन मालिकों को ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर (एटीएस) तक वाहन ले जाने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा।
एटीएस जांच बनी थी बड़ी परेशानी
एक जनवरी से जिले में सभी वाहनों की फिटनेस जांच एटीएस के जरिए अनिवार्य कर दी गई थी। इसके लिए दादरी के धूम मानिकपुर स्थित निजी एटीएस सेंटर को नामित किया गया था। लेकिन जमीनी स्तर पर कई भारी और विशेष तकनीकी बनावट वाले वाहन इस व्यवस्था में फिट नहीं बैठ पा रहे थे। 15 टन से अधिक भार वाले या विशेष उपयोग के वाहनों को बार-बार वापस लौटा दिया जा रहा था, जिससे वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ गई थी।
शासन ने लिया समीक्षा के बाद फैसला
वाहन मालिकों की लगातार शिकायतों को देखते हुए शासन स्तर पर इस व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि ए-श्रेणी और सी-श्रेणी में शामिल 17 प्रकार के वाहनों की फिटनेस जांच मैनुअली कराई जाएगी। अब ऐसे वाहन सीधे परिवहन कार्यालय पहुंचेंगे, जहां उनका भौतिक निरीक्षण कर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
किसानों और उद्योग से जुड़े लोगों को राहत
इस फैसले से खासतौर पर किसान, ठेकेदार, बिल्डर और छोटे उद्योगों से जुड़े लोग राहत महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि भारी मशीनों को एटीएस सेंटर तक ले जाना न सिर्फ कठिन था, बल्कि समय, ईंधन और अतिरिक्त खर्च भी बढ़ा रहा था। अब कार्यालय में ही जांच होने से कामकाज प्रभावित नहीं होगा।
बाकी वाहनों पर लागू रहेगी एटीएस व्यवस्था
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल उन्हीं वाहनों को दी गई है, जिनकी तकनीकी बनावट एटीएस जांच के अनुकूल नहीं है। अन्य सभी सामान्य वाहनों की फिटनेस जांच पहले की तरह एटीएस सेंटर पर ही होगी।
आम लोगों को राहत
-
किसानों और ठेकेदारों को सीधी राहत
-
भारी वाहन एटीएस ले जाने की मजबूरी खत्म
-
समय, ईंधन और अतिरिक्त खर्च की बचत
-
परिवहन कार्यालय में ही जांच और फिटनेस प्रमाण पत्र
नंद कुमार, एआरटीओ प्रशासन, गौतमबुद्ध नगर
“शासन के निर्देश पर जिले में 17 प्रकार के वाहनों की फिटनेस जांच मैनुअली होगी, जबकि अन्य वाहनों की जांच केवल एटीएस सेंटर पर ही कराई जाएगी।”