Bihar Sugar Mill Revival: सकरी और रैयाम में फिर बजेगी सायरन, सहकारी मॉडल से चीनी उद्योग को नई रफ्तार
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बिहार में एक दौर ऐसा भी था जब 90 के दशक से लेकर 2005 तक राज्य में अपराध के साथ-साथ चीनी मिलों के बंद होने की खबरें सुर्खियों में रहती थीं। बंद पड़ी मिलों ने न सिर्फ उद्योग को नुकसान पहुंचाया, बल्कि लाखों गन्ना किसानों की आजीविका भी प्रभावित हुई। लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है। रीगा चीनी मिल के बाद अब सकरी (मधुबनी) और रैयाम (दरभंगा) चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। पटना में विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में बंद चीनी मिलों के पुनरुद्धार और नई मिलों की स्थापना पर गंभीर चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारी मॉडल के माध्यम से राज्य में चीनी उद्योग को दोबारा मजबूत करना और गन्ना किसानों को सीधा लाभ पहुंचाना था।
NFCSF देगा सहयोग, जल्द आएगी DPR
बैठक में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (NFCSF), नई दिल्ली के प्रबंध निदेशक ने बिहार सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना में हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ समन्वय कर जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर प्रस्तुत की जाएगी। इंडियन पोटास लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक ने भी बैठक में हिस्सा लिया और सहकारी-सह-निजी (कोऑपरेटिव-कम-प्राइवेट) मॉडल का प्रस्ताव रखा। इस मॉडल के तहत किसानों, सहकारी समितियों और निजी निवेशकों की भागीदारी से मिलों की स्थापना की जाएगी, जिससे पूंजी और प्रबंधन दोनों मजबूत होंगे।
सकरी और रैयाम को प्राथमिकता
विकास आयुक्त ने साफ निर्देश दिए कि सकरी और रैयाम में चीनी मिलों की स्थापना की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए। सहकारिता विभाग को NFCSF के साथ मिलकर सभी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करने को कहा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इन मिलों को जल्द से जल्द चालू किया जाए ताकि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।
गन्ना उत्पादन बढ़ाने की रणनीति
बैठक में बसंतकालीन और शरदकालीन बुआई सत्र में गन्ना उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। वर्षा ऋतु में जल-जमाव की समस्या के समाधान के लिए लघु जल संसाधन विभाग को विशेष योजना बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में मिलों को पर्याप्त गन्ना उपलब्ध हो सके।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अहम बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार, योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री मयंक वरवडे, सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेंद्र सिंह, लघु जल संसाधन विभाग के सचिव श्री बी. कार्तिकेय धनजी और गन्ना आयुक्त श्री अनिल कुमार झा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यदि योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं, तो सकरी और रैयाम में चीनी मिलों के दोबारा शुरू होने से हजारों किसानों और युवाओं को रोजगार मिलेगा। बिहार में चीनी उद्योग का पुनर्जागरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।