गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत, निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों में फिर शुरू हुई मुफ्त जांच सुविधा
नोएडा
जिले में गर्भवती महिलाओं के लिए एक बार फिर प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों में मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू कर दी गई है। यह सुविधा पिछले चार महीनों से बजट की कमी के चलते बंद थी, जिससे महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब इसके दोबारा शुरू होने से गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।
सरकारी अस्पतालों में सीमित सुविधाएं
सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीनों और संसाधनों की संख्या सीमित होने के कारण सभी गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच संभव नहीं हो पाती। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए करीब डेढ़ साल पहले सरकार ने एक विशेष योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों में मुफ्त जांच की सुविधा दी जाती है।
70 निजी सेंटर योजना में शामिल
इस योजना के अंतर्गत जिले के करीब 70 प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों को सूचीबद्ध किया गया है। जब सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) या पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में डॉक्टर गर्भवती महिला की जांच के बाद अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता बताते हैं, तो महिला को एक बाउचर दिया जाता है। इसी बाउचर के माध्यम से वह चयनित निजी सेंटर पर मुफ्त अल्ट्रासाउंड करवा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग करता है भुगतान
हर एक अल्ट्रासाउंड के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी सेंटर को 425 रुपये का भुगतान किया जाता है। आमतौर पर निजी सेंटरों में अल्ट्रासाउंड कराने पर महिलाओं को 800 से 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जिससे यह योजना आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी साबित हो रही है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सुविधा
यह सुविधा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत दी जाती है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच करना और जोखिम वाली गर्भावस्था की समय रहते पहचान करना है। सरकारी अस्पतालों में हर महीने की 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है।
चार महीने बाद मिली राहत
पोर्टल में बदलाव के कारण यह सुविधा चार महीने पहले बंद हो गई थी, जिससे महिलाओं को निजी खर्च पर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा था। अब सेवा फिर से शुरू होने से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी और मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो सकेंगी।