यूजीसी के विरोध में बीजेपी को झटका, शक्ति केंद्र प्रभारी समेत पांच बूथ अध्यक्षों का इस्तीफा

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लगातार विरोध प्रदर्शनों का असर


यूजीसी को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का असर अब राजनीतिक स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में शनिवार को जेवर क्षेत्र के गांव थोरा में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के शक्ति केंद्र प्रभारी और पांच बूथ अध्यक्षों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

गांव थोरा से सामने आया मामला


जेवर के गांव थोरा में बीजेपी के शक्ति केंद्र प्रभारी राम प्रकाश ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उनके साथ बूथ अध्यक्ष खुशीराम, संजू, सुधीर, वीरेंद्र और प्रथिराय ने भी पार्टी से अलग होने का फैसला लिया। सभी ने यह कदम यूजीसी कानून को लेकर पैदा हुए असंतोष के चलते उठाया है।

सवर्ण समाज में भारी आक्रोश


राम प्रकाश ने बताया कि यूजीसी को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे सवर्ण समाज में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि सवर्ण समाज हमेशा से बीजेपी का कट्टर समर्थक रहा है, लेकिन यूजीसी कानून में इस समाज को शोषण और अत्याचार करने वाले के रूप में दिखाया गया है, जिससे लोगों में गहरी पीड़ा और आक्रोश है।

कार्यकर्ताओं को हो रहा विरोध का सामना


इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों का कहना है कि यूजीसी कानून के चलते उन्हें गांव-गांव जाकर बीजेपी की नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति में पार्टी के लिए काम करना उनके लिए कठिन हो गया है।

पार्टी नेतृत्व पर बढ़ा दबाव


स्थानीय स्तर पर हुए इन इस्तीफों को बीजेपी के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। यूजीसी कानून को लेकर बढ़ता विरोध और जमीनी कार्यकर्ताओं की नाराजगी आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकती है। फिलहाल, इन इस्तीफों के बाद क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

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