UGC क़ानून 2026 के खिलाफ नोएडा में ज़ोरदार प्रदर्शन, युवाओं ने निकाला पैदल मार्च
स्टेडियम से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक विरोध यात्रा
UGC क़ानून 2026 के विरोध में शुक्रवार को नोएडा में छात्रों और युवाओं ने एकजुट होकर ज़ोरदार पैदल मार्च निकाला। यह मार्च नोएडा स्टेडियम गेट नंबर–4 से शुरू होकर सेक्टर–19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पहुँचा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कानून को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
पोस्टर और नारों के साथ जताया विरोध
पैदल मार्च के दौरान युवाओं ने हाथों में पोस्टर और तख्तियाँ लेकर शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली ढंग से विरोध दर्ज कराया। “UGC क़ानून वापस लो” और “शिक्षा नहीं, तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल रहे।
कानून पर उठाए गंभीर सवाल
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पुष्कर शर्मा ने कहा कि UGC क़ानून 2026 शिक्षा के केंद्रीकरण को बढ़ावा देता है, आरक्षण व्यवस्था को प्रभावित करता है और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कमजोर करता है। उनका कहना था कि इससे करोड़ों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक का किया स्वागत
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पैदल मार्च और ज्ञापन सौंपने के कुछ समय बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC क़ानून 2026 पर अंतरिम रोक लगाया जाना यह दर्शाता है कि कानून को लेकर उठाई जा रही आपत्तियाँ गंभीर और जायज़ हैं। युवाओं ने इसे छात्रों और आम जनता की नैतिक जीत बताया।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से सरकार को आगाह किया गया कि यदि इस कानून को किसी भी रूप में लागू करने की कोशिश की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून की पूरी वापसी तक विरोध जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में युवा रहे मौजूद
इस दौरान दीपांशु शर्मा, गोपाल गुप्ता, अनमोल सहगल, हैप्पी पंडित, साधना शर्मा, हिमांशु शर्मा, बिंटू शर्मा, एडवोकेट अंकुश शर्मा, संदीप पाठक, सचिन चौहान, संजीव चौहान, कमल शर्मा, अशोक यादव, प्रवीण शर्मा, रजत तिवारी, योगेंद्र शर्मा, देवराज पंडित, घनश्याम चौहान, सतेंद्र मिश्रा, पुनीत झा, कार्तिक पंडित, मोहित शर्मा, हर्ष पंडित सहित कई युवा मौजूद रहे।