‘नमामि गंगे’ के दावों की खुली पोल, नानामऊ घाट की बदहाली पर सपा का सवाल
निरीक्षण के दौरान विनय यादव ने उठाए प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
कानपुर नगर/बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के समाजवादी पार्टी अध्यक्ष विनय यादव ने नानामऊ स्थित गंगा घाट का निरीक्षण कर वहां फैली अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े किए। घाट की बदहाल स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और इसे केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी विफलता बताया।
गंदगी और कूड़ा प्रबंधन की पोल खुली
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि गंगा घाट परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई है और उसके निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था मौजूद नहीं है। जबकि प्रदेश सरकार द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर और ई-रिक्शा व्यवस्था लागू की गई है, जिसके लिए जनता से शुल्क भी वसूला जा रहा है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आई।
‘नमामि गंगे’ योजना पर उठे सवाल
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत गंगा की स्वच्छता के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन नानामऊ घाट पर इसके ठोस परिणाम दिखाई नहीं दे रहे। घाट पर न तो पर्याप्त कूड़ेदान हैं और न ही नियमित सफाई की व्यवस्था। गंगा जल की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है और उसकी निर्मलता प्रभावित हो रही है।
अंतिम संस्कार की व्यवस्थाएं भी नाकाफी
विनय यादव ने बताया कि घाट पर शवदाह के लिए समुचित व्यवस्था का अभाव है। विद्युत शवदाह गृह की भारी कमी है, जिससे अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही शवों के निस्तारण, अग्निदाह की निगरानी और पंजीकरण की भी कोई प्रभावी व्यवस्था मौके पर नहीं है।
जर्जर मार्ग और प्रशासनिक अनदेखी
घाट तक पहुंचने वाला मार्ग संकरा और जर्जर हालत में है, जिससे श्रद्धालुओं और अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। सफाईकर्मियों की अनुपलब्धता और प्रशासनिक अनदेखी के चलते स्थानीय लोग लंबे समय से इस अव्यवस्था से जूझ रहे हैं।
प्रशासन को चेतावनी, आंदोलन का संकेत
निरीक्षण के बाद सपा विधानसभा अध्यक्ष ने प्रशासन को लिखित रूप में समस्याओं से अवगत कराया और शीघ्र सुधार का आश्वासन लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने और सहयोग करने की अपील की।
विनय यादव ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत है। इसकी स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी जनहित में आंदोलनात्मक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।