मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गणतंत्र दिवस पर झुग्गी-झोपड़ी विकास के लिए 327 करोड़ रुपये मंजूर किए
स्लम और जेजे क्लस्टरों के विकास पर सरकार का बड़ा फोकस
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर की झुग्गी-झोपड़ी (जेजे) बस्तियों और स्लम इलाकों के समग्र विकास के लिए 327 करोड़ रुपये की बड़ी योजना को मंजूरी दी है। इस फैसले से हजारों गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी और उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
झुग्गी इलाकों के भाजपा प्रतिनिधियों संग किया संवाद
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों से जुड़े भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रतिनिधियों को अपने सरकारी आवास पर दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जमीनी स्तर पर काम कर रहे प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं, सुझावों व स्थानीय जरूरतों को गंभीरता से सुना।
कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान स्लम और जेजे क्लस्टरों में बनने वाली कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इन परियोजनाओं में साफ पानी की आपूर्ति, पक्की सड़कों का निर्माण, नालियों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइटें, सामुदायिक शौचालय और बेहतर सफाई व्यवस्था जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
“कोई भी नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा,
“गणतंत्र दिवस हमें समानता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार याद दिलाता है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले हमारे भाई-बहन भी इस शहर का अभिन्न हिस्सा हैं। उनकी जिंदगी को बेहतर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
समयबद्ध और पारदर्शी काम के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
स्थानीय लोगों ने फैसले का किया स्वागत
स्थानीय प्रतिनिधियों और निवासियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे झुग्गी-झोपड़ी इलाकों के लिए एक सकारात्मक और उम्मीद भरा कदम बताया। लोगों का कहना है कि इन योजनाओं से न सिर्फ सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा व स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। इस निर्णय को राजधानी के समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।