वाराणसी दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के लिए सख्त कार्रवाई, भारी पुलिस बल के बीच चला बुलडोजर
दालमंडी इलाके में तेज हुआ ध्वस्तीकरण अभियान
वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण अभियान तेज कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में सोमवार को भी बुलडोजर गरजते नजर आए। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है, वहीं ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति से निपटा जा सके।
181 भवनों में से 75 की हो चुकी है रजिस्ट्री
PWD के कार्यकारी अभियंता केके सिंह ने बताया कि दालमंडी क्षेत्र में कुल 181 भवन सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं। इनमें से अब तक 75 भवनों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है, वहां मुआवजे और अन्य औपचारिकताओं के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
लगातार चेतावनी के बावजूद नहीं खाली किए गए मकान
कार्यकारी अभियंता केके सिंह ने कहा,
“लगातार तीन से चार दिनों से माइक के जरिए घोषणा की जा रही थी। लोगों को स्वयं मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन कई लोग मकान खाली नहीं कर रहे थे। इसी वजह से अब मजबूरी में प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ रही है।”
उन्होंने यह भी बताया कि अभियान पूरी तरह नियमानुसार चलाया जा रहा है और प्रभावित लोगों को पहले ही सूचित किया जा चुका था।
पुलिस बल और ड्रोन से रखी जा रही कड़ी निगरानी
ध्वस्तीकरण के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और PAC के जवान तैनात किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत काबू पाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से यह कदम जरूरी है, क्योंकि क्षेत्र घनी आबादी वाला है।
सड़क चौड़ीकरण से ट्रैफिक को मिलेगी राहत
प्रशासन के मुताबिक दालमंडी इलाके में सड़क चौड़ीकरण का मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। यह इलाका वाराणसी के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। सड़क चौड़ी होने से न सिर्फ ट्रैफिक सुचारू होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और आम लोगों की आवाजाही भी आसान होगी।
चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी कार्रवाई
PWD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। जिन भवनों की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहीं पहले कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सहयोग करें, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके और शहर को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिल सके