शेयर बाजार की गिरावट के बीच अर्थव्यवस्था से राहत की खबर, IIP ग्रोथ 4 महीने के उच्च स्तर पर
कोर सेक्टर से मिली बाजार को संजीवनी
शेयर बाजार में हालिया भारी गिरावट के बाद अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर महीने में भारत के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट में 3.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा नवंबर में दर्ज 2.1 प्रतिशत की वृद्धि से कहीं बेहतर है और पिछले चार महीनों का उच्चतम स्तर भी है। इस सुधार से यह उम्मीद जगी है कि आने वाले महीनों में औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिल सकती है।
IIP के लिए अहम हैं 8 मुख्य सेक्टर
कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में शामिल आठ प्रमुख उद्योग—कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली—मिलकर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। ऐसे में कोर सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन सीधे तौर पर IIP ग्रोथ और समग्र आर्थिक गतिविधियों पर असर डालता है। दिसंबर का मजबूत डेटा 21 जनवरी के कारोबारी सत्र में बाजार को कुछ राहत दे सकता है।
स्टील, सीमेंट और बिजली ने दिखाई मजबूती
दिसंबर में स्टील और सीमेंट सेक्टर का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, जो निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों में तेजी का संकेत देता है।
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स्टील उत्पादन में 6.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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सीमेंट उत्पादन 13.5 प्रतिशत बढ़ा, जो इस वित्त वर्ष की सबसे मजबूत ग्रोथ में से एक मानी जा रही है।
इसके अलावा, बिजली उत्पादन में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। नवंबर में गिरावट के बाद दिसंबर में बिजली उत्पादन 5.3 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले नौ महीनों में सबसे तेज रफ्तार है।
फ्यूल सेक्टर अब भी बना चुनौती
हालांकि सभी सेक्टरों में एक समान सुधार नहीं दिखा। कोयला उत्पादन में ग्रोथ बढ़कर 3.6 प्रतिशत रही, जिससे पहले की कमजोरी कुछ हद तक दूर हुई। वहीं फ्यूल से जुड़े सेक्टरों में दबाव बना रहा।
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कच्चे तेल का उत्पादन 5.6 प्रतिशत घटा।
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प्राकृतिक गैस उत्पादन में 4.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
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रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन भी 1 प्रतिशत कम रहा।
ये आंकड़े घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन में मौजूद संरचनात्मक चुनौतियों की ओर इशारा करते हैं।
आगे क्या संकेत देता है यह डेटा?
जहां स्टील, सीमेंट और उर्वरक जैसे सेक्टरों ने कोर आउटपुट ग्रोथ को सहारा दिया है, वहीं तेल और गैस से जुड़े उद्योग अब भी चिंता का विषय बने हुए हैं। इसके बावजूद दिसंबर में कोर सेक्टर में आई रिकवरी यह संकेत देती है कि आने वाले महीनों में औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को कुछ मजबूती मिल सकती है। बाजार के लिए यह डेटा गिरावट के माहौल में एक राहत भरी खबर के तौर पर देखा जा रहा है।