ईरान की सत्ता संकट में, रजा पहलवी का दुनिया से त्वरित हस्तक्षेप का आह्वान
ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के मौजूदा सत्ताधारी तंत्र के खिलाफ तत्काल और निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की है। वॉशिंगटन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि इस्लामी गणराज्य अब पतन के कगार पर है और यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इससे आम नागरिकों की जान का खतरा और बढ़ जाएगा।
‘यह सरकार नहीं, कब्जा करने वाली ताकत है’
रजा पहलवी ने ईरान की मौजूदा सत्ता को एक “शत्रुतापूर्ण कब्जा करने वाली ताकत” करार देते हुए कहा कि यह शासन अब ईरान के लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता। उन्होंने कहा,
“तथाकथित इस्लामी गणराज्य ईरान की सरकार नहीं है। यह एक ऐसा तंत्र है जिसने हमारी मातृभूमि पर जबरन कब्जा कर लिया है।”
पहलवी के अनुसार, ईरान में चल रहा मौजूदा संघर्ष सुधार बनाम क्रांति का नहीं, बल्कि कब्जे और मुक्ति के बीच की लड़ाई है।
नागरिकों पर हिंसा के गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रजा पहलवी ने ईरानी शासन पर बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों और आम नागरिकों पर बेरहमी से हमला कर रही है।
उनका दावा है कि केवल 48 घंटों के भीतर 12,000 से अधिक ईरानियों की हत्या की गई।
पहलवी ने यह भी आरोप लगाया कि घायल प्रदर्शनकारियों को अस्पतालों में भी सुरक्षित नहीं छोड़ा गया।
“खामेनेई के हत्यारों ने अस्पतालों में भी घायलों का पीछा किया और उन्हें मार डाला।”
‘हिंसा इसलिए बढ़ी क्योंकि शासन कमजोर हो रहा है’
रजा पहलवी ने कहा कि अत्यधिक हिंसा इस बात का संकेत है कि शासन अंदर से कमजोर हो चुका है।
“इस्लामी गणराज्य एक घायल जानवर की तरह व्यवहार कर रहा है—हिंसक, बेताब और सत्ता से चिपके रहने की कोशिश में।”
उनके अनुसार, ईरानी शासन का पतन अब केवल समय की बात है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ठोस कदम उठाने की मांग
रजा पहलवी ने वैश्विक शक्तियों से केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि व्यावहारिक और ठोस कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ईरानी नागरिकों की रक्षा के लिए शासन की दमनकारी क्षमता को कमजोर करना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से निम्न कदम उठाने का आह्वान किया:
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ईरानी शासन से जुड़ी वैश्विक संपत्तियों को फ्रीज़ किया जाए
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कथित फर्जी टैंकर बेड़े को निशाना बनाया जाए
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आर्थिक और कूटनीतिक दबाव को और सख्त किया जाए
वैश्विक प्रतिक्रिया पर टिकी नजर
रजा पहलवी की यह अपील ऐसे समय में आई है जब ईरान में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर चिंता बढ़ रही है। अब यह देखना अहम होगा कि वैश्विक शक्तियां इस संकट पर क्या रुख अपनाती हैं और ईरानी जनता की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।