सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे ‘जन नायकन’ सर्टिफिकेट विवाद, जानिए क्या है पूरा मामला और कब होगी सुनवाई
थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ इन दिनों सिनेमाई कारणों से कम और कानूनी विवादों को लेकर ज्यादा चर्चा में है। यह फिल्म न सिर्फ इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि इसे विजय की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है, बल्कि इसलिए भी कि इसके बाद अभिनेता सक्रिय राजनीति में उतरने वाले हैं। ऐसे में फिल्म की रिलीज से पहले ही सर्टिफिकेट को लेकर उठा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।
क्यों अटक गई ‘जन नायकन’ की रिलीज?
एच विनोद के निर्देशन में बनी ‘जन नायकन’ को पहले 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था। मेकर्स ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन तय तारीख से पहले फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया। इसी वजह से फिल्म की रिलीज को टालना पड़ा और मामला कानूनी मोड़ पर पहुंच गया।
सुप्रीम कोर्ट में कब होगी सुनवाई?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘जन नायकन’ से जुड़ी याचिका पर 15 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह याचिका फिल्म के प्रोडक्शन हाउस केवीएन प्रोडक्शन की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में सीबीएफसी द्वारा सर्टिफिकेट जारी न किए जाने को चुनौती दी गई है।
CBFC ने क्यों रोका सर्टिफिकेट?
फिल्म को दिसंबर 2025 में सर्टिफिकेशन के लिए CBFC के पास भेजा गया था। बोर्ड ने कुछ कट्स और बदलावों के बाद फिल्म को यू/ए 16+ सर्टिफिकेट देने पर सहमति जताई। मेकर्स ने सीबीएफसी की सभी शर्तें मानते हुए 24 दिसंबर को फिल्म का संशोधित वर्जन दोबारा सबमिट कर दिया।
हालांकि, 5 जनवरी को प्रोड्यूसर्स को यह जानकारी दी गई कि एक शिकायत मिलने के बाद फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फिल्म के कुछ दृश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।
हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा मामला?
9 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने सीबीएफसी को तुरंत फिल्म का सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया। लेकिन उसी दिन CBFC ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर कर दी।
इसके बाद मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि सीबीएफसी को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया था। इस फैसले के बाद फिल्म के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
आगे क्या?
अब इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 15 जनवरी को होगी, जबकि मद्रास हाई कोर्ट में 20 जनवरी को अगली सुनवाई तय है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही यह निर्भर करेगा कि ‘जन नायकन’ को सर्टिफिकेट कब मिलेगा और फिल्म सिनेमाघरों तक कब पहुंचेगी।
फिल्म से जुड़े इस विवाद ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सेंसरशिप की सीमाओं और धार्मिक भावनाओं जैसे संवेदनशील मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो ‘जन नायकन’ के भविष्य की दिशा तय करेगा।