मकर संक्रांति पर सरयू में आस्था की डुबकी, 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
रामनगरी अयोध्या में उमड़ेगी आस्था की भीड़
राम नगरी अयोध्या में मकर संक्रांति का पावन पर्व गुरुवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। प्रशासनिक अनुमान के मुताबिक, सरयू स्नान के लिए करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच सकते हैं। तड़के सुबह से ही सरयू घाटों पर स्नान-दान का सिलसिला शुरू हो जाएगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।
सरयू स्नान का विशेष महत्व, ब्रह्म मुहूर्त में होगा पुण्य लाभ
मकर संक्रांति पर सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। पंडित कौशल्यानंदन वर्धन के अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे सूर्य उत्तरायण हुए हैं। अयोध्या में उदया तिथि मान्य होने के कारण स्नान-दान गुरुवार सुबह ही किया जाएगा।
ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:51 बजे से 5:44 बजे तक स्नान को अत्यंत फलदायी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस समय पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष पुण्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
बुधवार को एकादशी पर भी उमड़ी भीड़
मकर संक्रांति से एक दिन पहले बुधवार को एकादशी तिथि के अवसर पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू में स्नान किया। रामलला और हनुमंतलला के दर्शन के लिए मंदिरों में लंबी कतारें लगी रहीं। मठ-मंदिरों में पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का सिलसिला पूरे दिन जारी रहा।
रामलला को लगेगा खिचड़ी का भोग, सूर्य मंदिर में विशेष अनुष्ठान
राम मंदिर में गुरुवार को मकर संक्रांति पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। रामलला को डेढ़ क्विंटल खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाएगा, जिसे बाद में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसके लिए निधि समर्पण भी किया है।
इसके साथ ही मंदिर परिसर स्थित सूर्य मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा, हवन और सूर्य देव की आराधना की जाएगी। कारसेवकपुरम में भी खिचड़ी भोज का आयोजन होगा, जिसमें संघ, विहिप कार्यकर्ता और मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोग शामिल होंगे।
मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है।
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काले तिल का दान: शनि से जुड़ी बाधाओं को शांत करता है
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गुड़ का दान: मान-सम्मान और आर्थिक स्थिति में मिठास लाता है
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कंबल का दान: शनि और राहु के कष्ट कम करता है
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खिचड़ी का दान: धन-धान्य और समृद्धि बढ़ाता है
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घी का दान: बृहस्पति और सूर्य को मजबूत करता है
सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नयाघाट पर मेला कंट्रोल रूम और खोया-पाया केंद्र सक्रिय कर दिया गया है, जो पूरे माघ मेले तक कार्यरत रहेगा। नगर निगम ने मेला क्षेत्र में 960 मेला कर्मी और 528 अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की है। सफाई व्यवस्था 24×7 तीन पालियों में चलेगी।
पार्किंग, सफाई और अलाव की व्यवस्था
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के अनुसार, श्रद्धालुओं के लिए 15 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। हाईटेक सफाई उपकरण, एंटी स्मॉग गन, पीए सिस्टम और मैकेनाइज्ड मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
ठंड को देखते हुए 345 स्थानों पर अलाव और 36 स्थानों पर गैस हीटर अलाव लगाए गए हैं। साथ ही पेयजल, 19 मोबाइल टॉयलेट और सामुदायिक शौचालयों की भी व्यवस्था की गई है।
प्रशासन सतर्क, श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, घाटों पर अनुशासन बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से संपर्क करें, ताकि मकर संक्रांति पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।