सपनों की कीमत: पुजारी पति से तलाक

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पति ने पूरे किए सपने, अब वही बने रिश्ते की वजह

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, सोच और बदलती जीवनशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक पुजारी ने अपनी पत्नी का पुलिस बनने का सपना पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग किया, लेकिन अब वही पत्नी उनसे तलाक मांग रही है। यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद का है, बल्कि समाज में बदलते मूल्यों की तस्वीर भी पेश करता है।

पुलिस बनने के सपने में पति का पूरा सहयोग

जानकारी के मुताबिक, भोपाल निवासी एक पंडित ने शादी के बाद अपनी पत्नी की इच्छा को गंभीरता से लिया। पत्नी पुलिस विभाग में नौकरी करना चाहती थी। पति ने न सिर्फ उसकी पढ़ाई और तैयारी में आर्थिक व मानसिक सहयोग किया, बल्कि सामाजिक दबावों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उसका हौसला बढ़ाया। कई वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद महिला पुलिस विभाग में भर्ती हो गई।

नौकरी के बाद रिश्ते में आई दूरी

पुलिस की नौकरी मिलने के बाद पति-पत्नी के रिश्ते में धीरे-धीरे दूरी आने लगी। महिला ने परिवार न्यायालय में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी है। याचिका में उसने कहा है कि अब उसे पति की पारंपरिक जीवनशैली से परेशानी होने लगी है। उसके अनुसार, पति का शिखा रखना, धोती-कुर्ता पहनना और “पंडित जैसा व्यवहार” उसे असहज करता है।

सोच और जीवनशैली का टकराव

महिला का कहना है कि पुलिस विभाग में काम करते हुए उसका रहन-सहन, सोच और सामाजिक दायरा बदल गया है। वह एक आधुनिक और प्रोफेशनल माहौल में काम करती है, जबकि उसका पति आज भी धार्मिक और पारंपरिक तरीके से जीवन जीता है। इसी सोच के अंतर के कारण दोनों के बीच आए दिन विवाद होने लगे, जो अब तलाक तक पहुंच गए।

पति का दर्द: परंपराएं ही बन गईं वजह

वहीं, पति का कहना है कि उसने हमेशा पत्नी के सपनों को अपने सपनों से ऊपर रखा। उसने कभी पत्नी को आगे बढ़ने से नहीं रोका और हर कदम पर उसका साथ दिया। अब वही परंपराएं, जिनके साथ वह वर्षों से जीता आ रहा है, उसके टूटते रिश्ते की वजह बन गई हैं। उसका कहना है कि उसने खुद को कभी नहीं बदला, बल्कि हमेशा पत्नी को स्वीकार किया।

समाज में छिड़ी नई बहस

यह मामला समाज में बदलती जीवनशैली और रिश्तों की मजबूती को लेकर एक नई बहस छेड़ रहा है। सवाल उठ रहा है कि क्या तरक्की और आधुनिकता के साथ रिश्तों में समझ, सहनशीलता और सम्मान बनाए रखना कठिन होता जा रहा है।

अदालत के फैसले पर टिकी नजरें

फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है और आगे का फैसला कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा। इस प्रकरण ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सपनों को पूरा करने के बाद रिश्तों को संभालना भी उतना ही जरूरी है।

navya seth
navya seth
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