सीएम मुद्दे पर असमंजस, सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से मांगी स्पष्टता
मुख्यमंत्री पद पर अटकलों के बीच बड़ा कदम
कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलों के बीच राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है। सिद्धारमैया का कहना है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी और सरकार के भीतर “लगातार भ्रम” की स्थिति बनी हुई है, जिसे दूर करना अब बेहद जरूरी हो गया है। उनका मानना है कि इस मुद्दे पर स्पष्टता न होने से न केवल सरकार के कामकाज पर असर पड़ रहा है, बल्कि पार्टी संगठन और आम जनता के बीच भी असमंजस की स्थिति बन रही है।
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं से प्रभावित हो रहा प्रशासन
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया है कि बार-बार नेतृत्व परिवर्तन को लेकर उठने वाली चर्चाएं प्रशासनिक कार्यों को बाधित कर रही हैं। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाना और जनता से किए गए वादों को पूरा करना है, लेकिन नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी रहने से सरकार की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।
डी.के. शिवकुमार के समर्थकों की भूमिका
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा होती रही है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के समर्थक समय-समय पर नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठाते रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने अब तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक और स्पष्ट बयान नहीं दिया है। इसी कारण यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और अटकलों को और बल मिल रहा है।
राहुल गांधी से मुलाकात क्यों है अहम
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि सिद्धारमैया और राहुल गांधी के बीच होने वाली यह संभावित मुलाकात काफी अहम साबित हो सकती है। इस बातचीत से मुख्यमंत्री पद को लेकर स्थिति साफ हो सकती है और पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश भी जाएगा। यदि नेतृत्व की ओर से स्पष्ट दिशा मिलती है, तो सरकार अधिक मजबूती और स्थिरता के साथ आगे बढ़ सकेगी।
भाजपा का कांग्रेस पर हमला
इस पूरे मुद्दे को लेकर विपक्षी दल भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस सरकार अंदरूनी कलह से जूझ रही है और इसका सीधा असर राज्य की जनता पर पड़ रहा है। भाजपा का आरोप है कि सत्ता संघर्ष के कारण विकास कार्य पीछे छूट रहे हैं।
सबकी नजरें अब मुलाकात पर
फिलहाल, कर्नाटक की राजनीति में सबकी नजरें राहुल गांधी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की संभावित मुलाकात पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बातचीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा “भ्रम” खत्म हो सकता है और सरकार आगे की स्पष्ट दिशा तय कर पाएगी।