ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, सोसायटियों के पास चल रहे 9 अवैध आरएमसी प्लांट सील
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 क्षेत्र में हाउसिंग सोसायटियों के पास बिना अनुमति संचालित हो रहे रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट्स के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए नौ आरएमसी प्लांट को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण और स्थानीय निवासियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई है।
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-1 इलाके में ऐस डिविनो सोसायटी से लेकर अरिहंत अंबर सोसायटी के आसपास बड़ी संख्या में आरएमसी प्लांट बिना वैध अनुमति के संचालित किए जा रहे थे। इन प्लांट्स से निकलने वाली धूल और प्रदूषण के कारण आसपास की दस से अधिक हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय निवासी अतुल श्रीवास्तव और संजीव पुंडीर ने बताया कि प्रदूषण के चलते लोगों को जहरीली हवा में सांस लेनी पड़ रही थी, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा था।
निवासियों ने इस समस्या को लेकर कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों के आधार पर अधिकारियों ने जांच की और पाया कि कई आरएमसी प्लांट प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। पहले चरण में इन प्लांट्स पर जुर्माना लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद संचालकों ने न तो अनुमति ली और न ही प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी इंतजाम किए।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर राजेश कुमार निम और मैनेजर रोहित गुप्ता ने बताया कि सेक्टर-1 क्षेत्र में 12 से अधिक आरएमसी प्लांट पहले ही चिन्हित किए जा चुके थे। नियमों का पालन न करने और लगातार शिकायतें मिलने के बाद सोमवार को नौ आरएमसी प्लांट को सील किया गया है। इससे पहले भी दो आरएमसी प्लांट पर सील की कार्रवाई की जा चुकी है।
सील किए गए आरएमसी प्लांट्स में की स्टोन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, अरहम एस्को, राठी कंस्ट्रक्शन, दुर्गा आरएमसी प्लांट, एमके कंक्रीट प्लांट, गिरधारी लाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और कॉन्कर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित इकाइयां शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन सभी मामलों में आगे भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। निवासियों का कहना है कि अवैध आरएमसी प्लांट बंद होने से क्षेत्र में प्रदूषण कम होगा और लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। वहीं, प्रशासन ने भी साफ किया है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।