मेटा में 1,500 नौकरियों में कटौती की तैयारी, एआई पर बढ़ेगा कंपनी का फोकस
टेक्नोलॉजी दिग्गज मेटा (Meta) एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपने रियलिटी लैब्स (Reality Labs) डिवीजन से करीब 1,500 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म करने की योजना बना रही है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब मेटा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में अपना निवेश तेजी से बढ़ा रही है।
CTO ने बुलाई अहम ऑल-हैंड्स मीटिंग
इस फैसले को लेकर मेटा के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) ने कंपनी की अब तक की सबसे अहम ऑल-हैंड्स मीटिंग बुलाई है। सभी कर्मचारियों को इस मीटिंग में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में कंपनी की भविष्य की रणनीति, छंटनी की वजह और आने वाले समय की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कर्मचारियों के बीच इस मीटिंग को लेकर काफी बेचैनी और उत्सुकता देखी जा रही है।
रियलिटी लैब्स को हो रहा भारी नुकसान
रियलिटी लैब्स यूनिट मेटा की वर्चुअल रियलिटी (VR), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और मेटावर्स से जुड़ी परियोजनाओं का केंद्र रही है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में इस डिवीजन को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटावर्स प्रोजेक्ट्स पर अरबों डॉलर खर्च होने के बावजूद कंपनी को उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं मिल पाया है।
AI और डेटा सेंटर पर बढ़ेगा निवेश
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मेटा अब उन क्षेत्रों पर खर्च कम करना चाहती है, जहां निकट भविष्य में मुनाफे की संभावना कम है। इसके विपरीत, कंपनी AI टेक्नोलॉजी, जेनरेटिव AI टूल्स और बड़े डेटा सेंटर्स के निर्माण पर ज्यादा फोकस कर रही है। मेटा का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI आधारित सेवाएं, विज्ञापन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट प्रोडक्ट्स उसकी ग्रोथ का मुख्य आधार बनेंगे। इसी रणनीति के तहत संसाधनों और कर्मचारियों को नए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शिफ्ट किया जा रहा है।
कर्मचारियों में चिंता का माहौल
संभावित छंटनी की खबरों से कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ गई है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि इसका असर किन टीमों, प्रोजेक्ट्स और देशों पर पड़ेगा। फिलहाल मेटा ने छंटनी से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन कंपनी ने इतना जरूर कहा है कि प्रभावित कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग, मुआवजा और करियर ट्रांजिशन में मदद दी जाएगी।
टेक इंडस्ट्री के बदलते रुझान
मेटा का यह कदम पूरी टेक इंडस्ट्री में बदलते रुझानों को दर्शाता है, जहां कंपनियां अब वर्चुअल रियलिटी और मेटावर्स की तुलना में AI और इंफ्रास्ट्रक्चर को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं। आने वाले दिनों में ऑल-हैंड्स मीटिंग के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।