महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव 2026: कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र, स्वच्छ हवा और यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड का वादा
बीएमसी चुनाव 2026: मुंबई कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र, प्रदूषण और स्वास्थ्य पर बड़ा फोकस
मुंबई — महाराष्ट्र में वर्ष 2026 में होने वाले नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने एजेंडे और वादों के साथ मैदान में उतर चुके हैं। इसी कड़ी में मुंबई कांग्रेस ने भी अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने इस घोषणापत्र में मुंबई के नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं देने का भरोसा जताया है और शहर से जुड़ी प्रमुख समस्याओं के समाधान का दावा किया है।
हवा की गुणवत्ता सुधारने पर सबसे ज्यादा जोर
मुंबई कांग्रेस के घोषणापत्र में सबसे बड़ा मुद्दा शहर की बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण के कारण मुंबईवासियों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। सांस से जुड़ी बीमारियां, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। कांग्रेस ने वादा किया है कि अगर वह बीएमसी की सत्ता में आती है तो वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत शहर में अधिक हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा और पर्यावरण के अनुकूल योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। पार्टी का कहना है कि स्वच्छ हवा हर नागरिक का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना नगर निगम की जिम्मेदारी है।
यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड का ऐलान
घोषणापत्र में कांग्रेस ने यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड शुरू करने का भी बड़ा ऐलान किया है। इस हेल्थ कार्ड के जरिए मुंबई के नागरिकों को सरकारी अस्पतालों और चिन्हित स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त इलाज और दवाइयों की सुविधा दी जाएगी। कांग्रेस का दावा है कि इससे खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि मौजूदा समय में इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ पड़ता है। कई परिवार सिर्फ इलाज के कारण कर्ज में डूब जाते हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ और किफायती बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
बुनियादी सुविधाओं पर भी फोकस
मुंबई कांग्रेस के घोषणापत्र में केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण ही नहीं, बल्कि शहर की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कई वादे किए गए हैं। इसमें साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करने, बेहतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने, कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार, जर्जर सड़कों की मरम्मत और सार्वजनिक परिवहन को और बेहतर बनाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि मुंबई जैसे महानगर में नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए।
स्वच्छ और सुरक्षित मुंबई का दावा
कांग्रेस का दावा है कि यदि उसे नगर निकाय में सत्ता मिलती है तो वह मुंबई को एक स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ शहर बनाने की दिशा में काम करेगी। पार्टी ने यह भी कहा है कि नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता लाई जाएगी और नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाएगा।
चुनावी माहौल होगा और गर्म
बीएमसी चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो चुके हैं और अपने-अपने घोषणापत्र के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनावी प्रचार और तेज होने की उम्मीद है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई की जनता किस पार्टी के वादों पर भरोसा जताती है और किसे देश की सबसे अमीर नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपती है।